Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 पीएम मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनियों के मुख्य अधिकारियों व संस्थापकों से की चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार पहले सेवा तीर्थ में अंतरिक्ष क्षेत्र के 20 स्टार्टअप कंपनियों के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) और संस्थापकों के साथ बातचीत की और अंतरिक्षण उद्योग में कदम रखने का साहस दिखाने के लिए उन्हें बधाई देते हुए कहा कि इससे इस क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के सरकार के दृष्टिकोण को बल मिला है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र के इन नये नेताओं को नए क्षेत्र में साहस दिखाने और पहल करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि उद्योग द्वारा दिखाए गए विश्वास ने उस दृष्टिकोण को मजबूत किया है, जिसके तहत भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोला गया था।

श्री मोदी ने कहा कि कई देश या तो अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश करने की स्थिति में नहीं हैं या वहां ऐसा करने की इच्छा नहीं है। इससे भारत के पास वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी स्थिति को तेजी से मजबूत करने का एक बड़ा अवसर है। इस चर्चा में रॉकेट एवं पुन: प्रयोज्य सेमी-क्रायोजेनिक प्रक्षेण यानों, वैमानिक इलेक्ट्रानिक्स, उपग्रह, उन्नत प्रणोदन प्रणाली, अंतरिक्ष एवं रक्षा खुफिया, अंतरिक्ष में तैर रहे मलबे को हटाने, एआई आधारित अतिस्थानिक मौसम एवं जलवायु आसूचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इन स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के समर्थन और विश्वास के प्रति आभार जताते हुए देश के अंतरिक्ष उद्योग में निजी उद्यमों के कामों में हो रही प्रगति और क्षेत्र के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि देश में स्वदेशी क्षमताओं और आवश्यक तकनीकों के विकास के लिए उन्होंने काफी समय और प्रयास लगाया है। उन्होंने बताया कि उनकी टीमें अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी लगन और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही हैं।

स्टार्टअप इकाइयों के कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के निर्णय से उद्योग में काफी उत्साह पैदा हुआ और नए अवसरों के द्वार खुले। उन्होंने यह भी बताया कि कई देशों की कंपनियां भारत के उभरते निजी अंतरिक्ष उद्योग द्वारा विकसित तकनीकों को अपनाने और उनका उपयोग करने में रुचि दिखा रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष कंपनियों को अपनी तकनीकों के नए उपयोग और अनुप्रयोगों की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह विचार किया जाना चाहिए कि अंतरिक्ष तकनीक किस प्रकार आम लोगों के जीवन को आसान बना सकती है।

उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के बीच अधिक सहयोग का सुझाव दिया। उदाहरण के लिए, अंतरिक्ष मलबे पर काम करने वाली कंपनियां पर्यावरण संगठनों के साथ मिलकर अपनी तकनीकों को बड़े स्तर पर लागू कर सकती हैं। इसी प्रकार, कृषि क्षेत्र के साथ काम करने वाली अंतरिक्ष तकनीक कंपनियां कृषि विश्वविद्यालयों और संबंधित विभागों के साथ सहयोग कर किसानों को बेहतर और अधिक सूचित निर्णय लेने तथा उनकी उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

प्रधानमंत्री ने ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र और वातावरण विकसित करने का आह्वान किया, जहां जब भी दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के बारे में सोचे, तो उसकी नजर भारत की ओर जाए। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र वैश्विक प्रतिभाओं, कंपनियों और निवेश को देश की ओर आकर्षित करने वाला चुंबक बन सकता है।

उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ भी अधिक निकट सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे कम उम्र से ही बच्चों में अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रति जिज्ञासा और रुचि पैदा करने में मदद मिलेगी।

इस बातचीत में स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सेल ,ध्रुव स्पेस, गैलेक्सआई, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस, दिगंतरा , सैटश्योर , सुहोरा टेक्नोलॉजीज , मनस्तु स्पेस, एस्ट्रोबेस टेकमी2स्पेस, व्योमिक , कॉसमॉसर्व स्पेस, ऑर्बिटएआईडी एयरोस्पेस, स्काईसर्व (हाइस्पेस), सेरेन्डिपिटी स्पेस, वासर लैब्स तथा मिस्टीओ के प्रतिनिधि शामिल थे।

tranding
tranding