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नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके हालिया राजनीतिक प्रचार का अंदाज सक्रिय राजनीति के बजाय स्टैंड-अप कॉमेडी के लिए अधिक उपयुक्त है। श्री फडणवीस ने इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शनिवार को श्री गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कथित तौर पर मजाक उड़ाए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को स्टैंड-अप कॉमेडियन बनने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी नकल कर रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें राजनीति छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडी करनी चाहिए।" मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गांधी की वजह से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हुआ है और व्यंग्यात्मक अंदाज में सुझाव दिया कि कम से कम कॉमेडी के क्षेत्र में करियर बनाने से उन्हें रोजगार मिल सकता है। उन्होंने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर चल रहे विवाद पर भी बात की और उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक आशंका पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ये टिप्पणियां ऐसी खबरों के बीच आई हैं कि यदि संशोधित एमडीआर व्यवस्था वापस नहीं ली गयी तो मुंबई में पेट्रोल पंप संचालक 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर सकते हैं।

श्री फडणवीस ने कहा कि ऐसा कदम उचित नहीं होगा, क्योंकि डिजिटल भुगतान से कारोबारियों और ईंधन विक्रेताओं को कारोबार के अवसर बढ़ाने और लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में काफी लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपीआई उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों के बीच व्यापक रूप से स्वीकार किया जा चुका है, जबकि लगाया गया शुल्क केवल मामूली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस संसदीय समिति ने एमडीआर व्यवस्था की सिफारिश की थी, उसमें पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि केंद्र पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यह शुल्क केवल कुछ विशेष श्रेणियों के लेनदेन पर लागू है और सभी यूपीआई भुगतानों पर नहीं। उन्होंने कारोबारियों और पेट्रोल पंप मालिकों से डिजिटल भुगतान के योगदान को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान से कारोबार को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि परिचालन लागत पूरी करने के लिए लिया जाने वाला मामूली शुल्क नकारात्मक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।