0 राम-मंदिर चढ़ावा चोरी केसः 105 घटनाएं सीसीटीवी में कैद
अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- 2 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं। अगर इससे पहले चार्जशीट दाखिल नहीं हुई तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल सकती है।
तुषार मेहता बोले- 2 दिन में दाखिल करेंगे चार्जशीट
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने तुषार मेहता ने कहा- हम 2 दिन में चार्जशीट दाखिल कर देंगे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने भी जांच की स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी है। बेंच ने इस रिपोर्ट को देखा।
जुलाई में जारी हुआ था नोटिस
चढ़ावा चोरी के मामले की जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में केंद्र सरकार, यूपी सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं में आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, वकील एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं। याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूरा ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।
जांच को लेकर सुझाव देने की मिली थी अनुमति
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं और दूसरे लोगों को जांच से जुड़े अपने सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय में देने की अनुमति दी थी। अब एसआईटी अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दे चुकी है और यूपी सरकार ने दो दिन में चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है।
25 जून को 8 लोगों पर दर्ज हुई थी एफआईआर
रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों पर मंदिर से चोरी, कर्मचारी के तौर पर संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसका इस्तेमाल करने में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है।