0 फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा
0 8 घंटे बाद मिला विमान का मलबा
वैंकूवर। कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुए विमान हादसे में तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो भारतीय छात्रों की मौत हो गई। वैंकूवर स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को हादसे की जानकारी दी। दूतावास ने हादसे की जगह और विमान की जानकारी साझा नहीं की है।
हालांकि, कनाडा के न्यूज आउटलेट सीबीसी ने शनिवार को सस्केचेवान प्रांत में एक विमान हादसे की रिपोर्ट की थी, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जब विमान समय पर लैंड नहीं हुआ तो सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके बाद करीब 8 घंटे बाद विमान का मलबा मिला, जहां दोनों छात्र मृत मिले। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह परिवारों को हर संभव मदद देगा। इसमें दोनों के शवों को भारत लाने में मदद करना भी शामिल है।
दोनों के पास पायलट लाइसेंस था
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों भारतीय छात्रों की पहचान मनोज शिवकुमार और श्रीसरण थिरुगनानासंबंथन के रूप में हुई है। सीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हार्व्स एयर फ्लाइट स्कूल का सेस्स 172 विमान शुक्रवार सुबह सस्केचेवान प्रांत के किसबे के पास क्रैश हो गया। दोनों के पास पायलट लाइसेंस था और कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए जरूरी उड़ान घंटे पूरे कर रहे थे। उन्होंने विमान को रेजिना से स्टाइनबाक, मैनीटोबा जाने के लिए किराए पर लिया था। हार्व्स एयर के चेयरमैन एडम पेनर के मुताबिक, दोनों रात में लंबी दूरी की उड़ान भर रहे थे। विमान को सुबह करीब 10:30 बजे सेंट्रल डेलाइट टाइम (सीडीटी) तक तय जगह पहुंचना था। जब विमान वहां नहीं पहुंचा तो कनाडा के ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई।
विमान के समय पर नहीं पहुंचने पर रेस्क्यू शुरू हुआ
विमान के तय समय पर नहीं पहुंचने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। फ्लाइट स्कूल ने सर्च और रेस्क्यू टीमों को इसकी जानकारी दी। करीब शाम 6 बजे सीडीटी टीमों ने विमान का मलबा ढूंढ लिया। विमान में सवार दोनों लोग मौके पर मृत मिले। ज्वाइंट रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (जेआरसीसी) की पब्लिक अफेयर्स के अधिकारी लेफ्टिनेंट जो हॉलैंडर ने बताया कि जेआरसीसी ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि विमान के क्रैश साइट का पता लगाने के बाद पैराशूट के जरिए सर्च और रेस्क्यू टीम के सदस्यों को वहां उतारा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद मामले की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) को सौंप दी गई।