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0 बिम्सटेक देशों ने दिल्ली घोषणा पत्र में आतंकवाद, नशे और मानव तस्करी से निपटने पर जताई सहमति

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) देशों के गृह मंत्रियों ने आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, साइबर अपराध और अवैध वित्तीय लेन-देन से निपटने के लिए आपसी सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक हुई। इसमें सदस्य देशों ने बैठक में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली घोषणापत्र भी अपनाया गया।

बैठक में बंगलादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। श्री शाह ने कहा कि बिम्सटेक क्षेत्रीय एकता, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराते हुए सदस्य देशों से खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जांच, कानूनी सहायता और अपराधियों के प्रत्यर्पण में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।

बैठक में मानव तस्करी के खिलाफ बिम्सटेक समझौते, मादक पदार्थों पर नियंत्रण की कार्ययोजना और मनी लॉन्ड्रिंग तथा आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के लिए क्षमता निर्माण संबंधी समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई।

इसके अलावा, अवैध वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाने और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी बेहतर करने के लिए भी कार्ययोजनाओं को मंजूरी मिली। बैठक में सदस्य देशों ने दिल्ली घोषणापत्र अपनाया जिसमें सीमा-पार आतंकवाद, आतंकवादी वित्तपोषण, कट्टरपंथ, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर काम करने पर जोर दिया गया। इसमें सूचना साझा करने, आपसी कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण और सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने को भी प्राथमिकता दी गई। ऑनलाइन धोखाधड़ी में फंसाए गए मानव तस्करी के पीड़ितों की सुरक्षा पर भी बल दिया गया।

नशीले पदार्थों की तस्करी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर हमला
श्री शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी केवल नशे का कारोबार नहीं, बल्कि युवाओं, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर हमला है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों से होने वाली अवैध कमाई संगठित अपराध को ताकत देती है और आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने में भी इस्तेमाल हो सकती है। इससे निपटने के लिए पूरे क्षेत्र को मिलकर प्रयास करने होंगे। गृह मंत्री ने आपदा प्रबंधन में क्षेत्रीय सहयोग को भी प्राथमिकता बताया।

जामनगर में बिम्सटेक आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की योजना
उन्होंने कहा कि गुजरात के जामनगर में बिम्सटेक आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की योजना है। इस केंद्र के जरिये सदस्य देशों के बीच आपदा से निपटने की तैयारी, प्रशिक्षण, जानकारी साझा करने और समन्वय को मजबूत करने में मदद मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि क्षेत्र के किसी एक देश की सुरक्षा पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करती है। भारत सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।