रायपुर। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को रायपुर स्थित लोक भवन में पूज्य माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में 200 का स्मारक सिक्का जारी किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा शदाणी दरबार के नौवें पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिरलाल सादाणी विशेष रूप से मौजूद रहे।
सिंधी विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी होना समाज के लिए ऐतिहासिक मौका था। यह देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों सिंधी लोगों के लिए गर्व का विषय है। स्मारक सिक्के का अनावरण होने के बाद श्रद्धालु और सिक्का संग्राहक इसे शदाणी दरबार की अलग-अलग इकाइयों के माध्यम से बुक कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा जारी इस विशेष सिक्के पर पूज्य माता हासी देवी जी की छवि अंकित है। सिक्के के एक ओर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष और 200 रुपये का मूल्यवर्ग दर्शाया गया है। इस स्मारक सिक्के के माध्यम से उनके जीवन, विचारों और आध्यात्मिक योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन पूज्य शदाणी दरबार रायपुर के पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी ने दिया।
पूज्य माता साहिब हासी देवी शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश थीं। वे अपनी सेवा भावना, करुणा और मानवता के प्रति समर्पण के लिए स्मरण की जाती हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान उन्होंने लोगों की सहायता और रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन समाज को निःस्वार्थ सेवा और मानवता का संदेश देता है। उनके जीवन का मूल संदेश है कि “सेवा ही सच्ची साधना है और मानवता ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग है। उनके आदर्श आज भी समाज को सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हैं। पूज्य माता साहिब हासी देवी के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी किया जाना उनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका, उनके सशक्तीकरण तथा निःस्वार्थ सेवा की परंपरा को भी रेखांकित करती है।
इस अवसर पर समारोह में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, मुख्य सचिव विकासशील, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना सहित वरिष्ठ अधिकारी, पूज्य शदाणी दरबार के सदस्य सहित देशभर से आए हुए जनप्रतिनिधि और सिंधी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
200 रुपए के स्मारक सिक्के की प्रमुख विशेषताएं
इस स्मारक सिक्के का मूल्य 200 है। इसका बाहरी व्यास 44 मिलीमीटर तथा मानक वजन 35 ग्राम है। यह सिक्का चार धातुओं की मिश्रधातु से निर्मित है, जिसमें 50 प्रतिशत चाँदी, 40 प्रतिशत ताँबा, 5 प्रतिशत निकेल और 5 प्रतिशत जस्ता शामिल हैं। सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष, ‘भारत’ और ‘इंडिया’ शब्द, रुपए का प्रतीक तथा अंकित मूल्य दर्शाया गया है। दूसरी तरफ पूज्य माता साहिब हासी देवी की छवि अंकित है, जो उनकी 200वीं जयंती और शदाणी दरबार की आध्यात्मिक विरासत को सम्मानित करती है। यह स्मारक सिक्का पूज्य माता साहिब हासी देवी के जीवन, आदर्शों और निःस्वार्थ सेवा की विरासत को समर्पित है। साथ ही, यह करुणा, मानवता और महिला सशक्तीकरण जैसे मूल्यों के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त करता है।