Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 सीबीआई की टीम लेकर पहुंची भारत, कल रायपुर कोर्ट में पेशी
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसे ओमान में पकड़ा और भारत लाया गया है। अब उसे रायपुर की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 एफआईआर जांच के लिए सीबीआई को सौंपी थीं। इसके अलावा ईडी के मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की गई है।

मेडिकल जांच के बाद रायपुर लाया जाएगा
सीबीआई के मुताबिक, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर ले जाया जाएगा। 2 नवंबर को उसे रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।

रेड कॉर्नर नोटिस में ओमान में पकड़ाया
सीबीआई के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान को उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजा। इसमें आरोपी के खिलाफ जुटाए गए सबूत भी दिए गए थे। भारत सरकार की एजेंसियों, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। इसके बाद सीबीआई की टीम मस्कट पहुंची और उसे लेकर भारत आई।

देशभर में फैला था सट्टेबाजी का नेटवर्क
सीबीआई की जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था। इसका संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी की तरह पैनल और ब्रांच बनाई गई थीं। इनके जरिए लोगों को सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था और उनसे पैसे जमा कराए जाते थे।

हवाला से विदेश भेजे जाते थे पैसे
जांच एजेंसी के मुताबिक, सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम कई बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इन खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन कर पैसे को छिपाया जाता था और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क को बिना रुकावट चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत दी जाती थी।
सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आईपीसी की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं के साथ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। वहीं ईडी भारत और विदेश में कई संपत्तियां अटैच कर चुकी है।

CBI ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर सौरभ चंद्राकर को ओमान में पकड़ा।