0 88.8 बिलियन डॉलर पहुंची नेटवर्थ; बाइटडांस के को-फाउंडर को किया पीछे
मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने बाइटडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग को पीछे छोड़ दिया है। फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के मुताबिक, अंबानी की नेटवर्थ 10.5% बढ़कर 88.8 बिलियन डॉलर पहुंच गई। इस बढ़ोतरी के साथ वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में 22वें स्थान पर आ गए हैं। वहीं, बाइटडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग 84 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 25वें स्थान पर हैं। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 80.1 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ के साथ 26वें स्थान पर हैं।
अंबानी की नेटवर्थ में यह बढ़ोतरी सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 12% की तेजी के बाद हुई। इससे कंपनी के मार्केट कैप में 19 बिलियन डॉलर से ज्यादा का इजाफा हुआ। हालांकि, आज (3 नवंबर) रिलायंस का शेयर मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी का जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक का सबसे मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस रहा। इस दौरान रिलायंस ने रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट के मामले में रिकॉर्ड बनाया।कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (ओ2सी), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल कारोबार में मजबूत ग्रोथ से नतीजों को सहारा मिला। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 28% बढ़कर रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपए हो गया। वहीं, EBITDA 24% बढ़कर 62,409 करोड़ रुपए और नेट प्रॉफिट 34% उछलकर 29,550 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
ओ2सी बिजनेस का अब तक का सबसे दमदार परफॉर्मेंस
रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल-टू-केमिकल्स (ओ2सी) बिजनेस ने सितंबर तिमाही में अब तक का सबसे अच्छा परफॉर्म किया। इस कारोबार से कंपनी को होने वाली कमाई यानी रेवेन्यू सालाना आधार पर 44.2% बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपए हो गई। वहीं, इस कारोबार का EBITDA भी 67.9% बढ़कर 25,203 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। EBITDA से पता चलता है कि कंपनी ने अपने मुख्य कारोबार से कितना ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमाया है। इस परफॉर्मेंस में रिफाइनिंग कारोबार की अहम भूमिका रही।
ब्रोकरेज ने बदली शेयर पर अपनी राय
कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म एवेंडस स्पार्क के एक एनालिस्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की रेटिंग 'रिड्यूस' से बढ़ाकर 'ऐड' कर दी। इसका मतलब है कि एनालिस्ट ने पहले शेयर को कम करने की सलाह दी थी, लेकिन अब उनकी राय में शेयर में निवेश बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 के बाद यह पहली बार था, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर किसी भी एनालिस्ट की 'होल्ड' या 'सेल' रेटिंग नहीं थी। यानी उस समय शेयर को कवर करने वाले किसी भी एनालिस्ट ने इसे होल्ड करने या बेचने की सलाह नहीं दी थी।
1957 में हुई थी रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआत
रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना 1957 में मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने की थी। आज यह 17.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मार्केट कैप के साथ भारत की सबसे बड़ी कंपनी है।
दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में 55वें स्थान पर रिलायंस
फोर्ब्स की 2026 की ग्लोबल 2000 लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की सबसे बड़ी पब्लिक कंपनियों में 55वें स्थान पर रही। इस लिस्ट में कंपनियों को उनके कारोबार और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के आधार पर जगह दी जाती है।