0 लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में शामिल हुए सीएम, विपक्ष पर निशाना
रायपुर। शहर जिला भाजपा की ओर से गुरुवार को लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली गई। इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव शामिल हुए। सुभाष स्टेडियम में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री और अन्य वक्ताओं ने कांग्रेस व इंडिया गठबंधन पर तीखे हमले किए। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस खुद वोट चोरी कर चुकी है और अब भाजपा पर आरोप लगा रही है। यह विपक्ष की दोहरी नीति है।
पदयात्रा दोपहर को सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर घड़ी चौक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इसमें मंत्री केदार कश्यप, टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, सुनील सोनी और मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने पर कभी चुनाव आयोग तो कभी ईवीएम पर दोषारोपण करती है। जनता में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से यह पदयात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, जबकि कांग्रेस खुद ऐसा कर चुकी है। आजादी के बाद अधिकांश नेता सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बन गए। इसी तरह इंदिरा गांधी ने चुनाव में हार के बाद आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कुचलने का काम किया था।
साय ने कहा कि आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में बंद किया गया, अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों की सरकारें हटाई गईं और मीडिया पर बंदिशें लगाई गईं। एसआईआर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से विदेशी लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। मतदाता सूची का शुद्धिकरण क्या नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि हाल में विधान परिषद के चुनाव बैलेट पेपर से हुए, जिनमें कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरणदेव ने कहा कि कांग्रेस का एक राजकुमार प्रजातंत्र के लिए खतरा बन गया है। भारत विश्व का सबसे बड़े प्रजातंत्र है। सीजेपी के साथ मिलकर नेपाल और बांग्लादेश बनाने की कोशिश हो रही है। लोकतंत्र की जड़े कमजोर हो, ऐसा भाजपा और पूरे देशवासी होने नहीं देंगे।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी कांग्रेस पर तीखा वार किया है, और कहा कि जब-जब लोकतंत्र पर संकट आया है, पदयात्रा निकालकर लोगों ने इसका प्रतिकार किया है।