बूंदी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने रविवार को "क्यों ना जुड़ें" अभियान के तहत आज एक और फिल्म प्रर्दशन कर बेरोज़गारी के मुद्दे पर केन्द्र की मोदी सरकार को घेरा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए्वं पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने यात्रा के दोपहर विश्राम के दौरान प्रेस वार्ता में प्रदर्शित इस फ़िल्म में बेरोज़गारी से जुड़े आंकड़े दिखाए गए हैं।
फिल्म में इंजीनियरिंग का एक छात्र बताता है कि सरकार की ही एजेंसी एनएसएसओ की रिपोर्ट बताती है, 45 सालों में सबसे अधिक 6.1 प्रतिशत की बेरोज़गारी है। ईएमआई के डाटा के मुताबिक देश में 42 प्रतिशत युवा बेरोज़गार हैं। वर्ल्ड बैंक के अनुसार हम दुनियाभर के मुख्य देशों में 28.3 प्रतिशत बेरोज़गारी दर के साथ बेरोज़गारी में नंबर वन पर हैं। फिल्म के अंत में बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ने का आह्वान किया गया है।
"क्यों न जुड़ें" अभियान से संबंधित दो फिल्में पहले भी रिलीज की जा चुकी है। पहली फिल्म छह दिसंबर को रिलीज की गई , जिसमें महंगाई और इससे होने वाली पेरशानियों को दिखाया गया था। दूसरी फिल्म नौ दिसंबर को दिखाई , जिसमें एक पहलवान का पोता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने दादाजी के गांधीजी की यात्रा में शामिल होने की यादें साझा करता है। साथ ही वह बताता है कि दादाजी तो अब नहीं हैं लेकिन वह यात्रा में शामिल होने जा रहा है। 'भारत जोड़ो यात्रा' अभी राजस्थान के बूनदी ज़िले में है। यह यात्रा गत सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी। यह 3570 किलोमीटर लंबी पदयात्रा है, जो पांच महीने तक चलेगी। यात्रा महंगाई, बेरोज़गारी जैसी समस्याओं के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने और सामाजिक ध्रुवीकरण, आर्थिक असमानता एवं राजनीतिक केंद्रीकरण आदि मुद्दों को लेकर की जा रही है।