0 अमेरिका में बिकने वाले स्मार्टफोन यहां बनाने की प्लानिंग
0 एपल 97% आईफोन इंडिया में बना रहा
नई दिल्ली। एपल के बाद सैमसंग भी अमेरिकी बाजार में बेचे जाने वाले स्मार्टफोन्स भारत में बनाने की तैयारी में है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई ट्रेड पॉलिसी और टैरिफ बढ़ोतरी के चलते कई कंपनियां अपने प्रोडक्शन बेस को लेकर रणनीति बदल रही हैं।
सैमसंग फिलहाल वियतनाम से अमेरिका को स्मार्टफोन एक्सपोर्ट करता है, लेकिन अगर वहां से शिपमेंट पर 20% तक टैरिफ लगा तो कंपनी के लिए लागत बढ़ जाएगी। इस वजह से सैमसंग अब भारत में अपनी ग्रेटर नोएडा फैक्ट्री को अमेरिका के लिए एक्सपोर्ट हब बनाने की प्लानिंग कर रहा है।
सैमसंग के ग्लोबल प्रेसिडेंट वॉन-जून चोई ने कहा कि हम पहले से ही भारत में कुछ ऐसे स्मार्टफोन बना रहे हैं, जो अमेरिका भेजे जा रहे हैं। अगर टैरिफ को लेकर कोई बड़ा फैसला हुआ, तो हम तुरंत अपने प्रोडक्शन को शिफ्ट कर सकते हैं।
अमेरिका में बिकने वाले 97% आईफोन भारत में बन रहे
एपल को ट्रम्प की धमकी के बावजूद अमेरिका में बिकने वाले लगभग सभी आईफोन भारत में बन रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एपल ने मार्च से मई 2025 के बीच भारत से जितने भी आईफोन एक्सपोर्ट किए, उनमें से 97% अमेरिका भेजे गए हैं। इनकी कीमत 3.2 बिलियन डॉलर (27,000 करोड़ रुपए) रही। सिर्फ मई में ही करीब 1 बिलियन डॉलर यानी 8,600 करोड़ के आईफोन भारत से अमेरिका भेजे गए हैं। यानी एपल अब भारत में आईफोन एक्सक्लूसिव तौर पर अमेरिकी बाजार के लिए बना रहा है। जनवरी से मई 2025 तक भारत से अमेरिका को 4.4 बिलियन डॉलर (37 हजार करोड़) के आईफोन एक्सपोर्ट हो चुके हैं। ये आंकड़ा 2024 के 3.7 बिलियन एक्सपोर्ट से भी ज्यादा है। 2024 तक अमेरिका में बेचे जाने वाले 50% आईफोन भारत में बनते थे।
ट्रम्प ने एपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी
डोनाल्ड ट्रम्प ने 23 मई को कहा था कि अमेरिका में बेचे जाने वाले आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग भारत या किसी अन्य देश में नहीं, बल्कि अमेरिका में ही होनी चाहिए। उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक को बता दिया है कि यदि एपल अमेरिका में आईफोन नहीं बनाएगा तो कंपनी पर कम से कम 25% का टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा कि मैंने बहुत पहले एपल के टिम कुक को सूचित कर दिया था कि जो आईफोन अमेरिका में बेचे जाएंगे, वे अमेरिका में निर्मित किए जाएंगे, न कि भारत या कहीं और। यदि ऐसा नहीं होता है, तो एपल को कम से कम 25% का टैरिफ देना होगा।