Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 कहा-रोजाना 75.7 लाख सिलेंडर बुक हो रहे, ईरान जंग से पहले 55.7 लाख होते थे
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच भारत सरकार ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन अवग-अलग मंत्रालयों की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से एलपीजी हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सरकार ने बताया कि ईरान जंग के कारण देश में गैस बुकिंग की संख्या में लगभग 20 लाख की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि जंग से पहले हर रोज औसतन 55.7 लाख सिलेंडरों की बुकिंग होती थी।
अभी एक दिन में लगभग 75.7 लाख गैस बुकिंग हो रही है। सरकार ने कहा कि जंग के माहौल के बीच एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। यह लोगों के बीच घबराहट के कारण हो रहा है।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास अभी गैस का स्टॉक
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि एलपीजी चिंता का विषय है क्योंकि देश का ज्यादातर एलपीजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है और वह अभी बंद है। हालांकि, हमारे 25,000 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स में से किसी पर भी गैस खत्म होने (ड्राई आउट) की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि केंद्र की तरफ से राज्यों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन आवंटन किया गया है। राज्यों से अपील की गई है कि वे जिलों में केरोसिन बांटने लिए जगह तय करें। वैकल्पिक ईंधन विकल्पों के लिए कोल इंडिया को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने कहा कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी भी एलपीजी डीलर पर गैस खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है। 9 मार्च 2026 को जारी नेचुरल गैस ऑर्डर के तहत कई सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है। उसी आदेश के अनुसार घरेलू पीएनजी  और सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के जारी है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा- लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने आगे कहा कि मौजूदा स्थिति में लोगों को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। इसके अलावा बड़े शहरों और केंद्रों में व्यावसायिक उपभोक्ता जो फिलहाल एलपीजी सप्लाई पर निर्भरता के कारण कुछ दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, भारत सरकार उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार के मुताबिक, भारत के पास कच्चे तेल के लिए 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। सभी रिफाइनरियां इस समय 100% या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और इसके अलावा सप्लाई लगातार जारी है।

 

tranding