0 पूछा- क्या चुनाव आयोग इस चंदे की जांच करेगा या एफिडेविट मांगेगा?
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को गुजरात में गुमनाम राजनीतिक दलों को मिले 4300 करोड़ रुपए के चंदे पर चुनाव आयोग (ईसी) से सवाल किए। उन्होंने दैनिक भास्कर की रिपोर्ट शेयर कर कहा कि इन 10 पार्टियों ने इतना बड़ा चंदा तो लिया, लेकिन सिर्फ 39 लाख रुपए खर्च दिखाया।
श्री गांधी ने कहा कि जिन पार्टियों को भारी रकम चंदे के रूप में मिली है उनकाे कोई जानता नहीं है और न ही उन्होंने ज्यादा चुनाव लड़े हैं। इन पार्टियों को जितना चंदा मिला है उसका कहीं कोई हिसाब किताब नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दलों से भी चुनाव आयोग को शपथ पत्र मांगना चाहिए।
उन्होंने कहा "गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना-लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला। इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उन पर खर्च किया है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि इन अनाम पार्टियों के खातों में ये हजारों करोड़ रुपये आए कहां से, इन पार्टियों को चला कौन रहा है और चंदे का जो पैसा इन पार्टियों की खाते में गया वह पैसा कहां है।
उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया, “क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके”
उन्होंने एक्स पर लिखा कि गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं, जिनका नाम किसी ने नहीं सुना, लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला। इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उन पर खर्च किया है। ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां? क्या चुनाव आयोग जांच करेगा या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
राहुल गांधी इन दिनों बिहार में 16 दिन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर हैं। यह यात्रा 1,300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करेगी और 20 जिलों से होकर 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी। यात्रा में कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने चुनावी सूची में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं।