0 कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को लेटर लिखा
0 कहा-बिना बताए विदेश जाते हैं, 9 महीने में 6 बार गए
नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया है। सीआरपीएफ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कहा है कि राहुल गांधी पिछले 9 महीने में बिना सूचना दिए 6 बार विदेश गए। इस दौरान वे इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया की यात्रा कर चुके हैं।
सीआरपीएफ ने राहुल गांधी को भी अलग से पत्र भेजा है। इसमें लिखा गया है कि इस तरह की चूक से उनकी जेड+ कैटेगरी सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और उन्हें खतरे का सामना करना पड़ सकता है। एजेंसी ने कहा कि इससे पहले भी वह इस मुद्दे को उठा चुकी है। राहुल गांधी को एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल) कवर के साथ सबसे उच्च स्तर की जेड+ सिक्योरिटी मिली है। इस सुरक्षा श्रेणी वाले लोगों को ‘येलो बुक प्रोटोकॉल’ के तहत अपनी हर गतिविधि और विदेश यात्रा की जानकारी पहले से सुरक्षा एजेंसियों को देनी होती है ताकि उनके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें।
9 महीने में 6 बार विदेश गए राहुल
सीआरपीएफ के वीवीआईपी सिक्योरिटी हेड सुनील जून ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, क्योंकि वह ज्यादातर विदेश यात्रा पर बिना किसी को बताए जा रहे हैं। सीआरपीएफ ने राहुल की 30 दिसंबर से 9 जनवरी तक इटली, 12 से 17 मार्च वियतनाम, 17 से 23 अप्रैल दुबई, 11 से 18 जून कतर, 25 जून से 6 जुलाई लंदन और 4 से 8 सितंबर मलेशिया जैसी विदेश यात्राओं का हवाला दिया है।
पहले भी प्रोटोकॉल तोड़ने की शिकायत कर चुका सीआरपीएफ
यह पहली बार नहीं है जब सीआरपीएफ ने राहुल गांधी को उनके सुरक्षा कवर को लेकर लेटर लिखा है। सीआरपीएफ ने बताया कि राहुल ने 2020 से अब तक 113 मौकों पर सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है, जिसमें पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा का दिल्ली फेज भी शामिल है।
गृह मंत्रालय ने 2019 में वापस ले ली थी एसपीजी सिक्योरिटी
केंद्र सरकार ने 2019 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गई विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) सुरक्षा वापस ले ली थी। इस सुरक्षा कवर की जगह सीआरपीएफ ने ले ली। एसपीजी सिक्योरिटी गांधी परिवार के पास करीब 3 दशक तक रही।