0 चुनाव आयोग का नाम लिए बिना कहा- 36 सेकेंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन 'वोट चोरी' और 'वोट हटाने' के मामले पर चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा, चोरों को बचाता रहा। राहुल ने एक्स पर वीडियो क्लिप शेयर की। कैप्शन में लिखा- सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकेंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ- ऐसे भी हुई वोट चोरी!
इससे पहले उन्होंने गुरुवार को इस मामले पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त वोट चोरी और वोट डिलीट करा रहे हैं। आरोपों के समर्थन में कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र के उन वोटरों को भी पेश किया, जिनके नाम हटाने की कोशिश की गई थी।
गिरिराज ने कहा- राहुल अर्बन नक्सल बनना चाहते
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को राहुल के जेन-जेड वाले बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी फ्रस्ट्रेशन में हैं, हताशा में हैं। वे कभी नरेंद्र मोदी की नकल करेंगे, कभी जेन-जेड की बात करेंगे। वे अर्बन नक्सल बनना चाहते हैं। भारत में अर्बन नक्सल के रूप में रिएक्ट करते हैं। राहुल ने कहा था, "देश के युवा, देश के स्टूडें , देश के जेन-जेड संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे। मैं उनके साथ हमेशा खड़ा हूं।
वहीं सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मैं आलंद चुनाव के पार्टी इन्चार्ज था, मुझे विश्वास था कि वह सीट भाजपा जीतेगी, क्योंकि कांग्रेस ने कभी वह सीट जीती ही नहीं थी। अगर वाकई वोट चोरी हुई है तो कांग्रेस को इलेक्शन कमीशन का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने आजादी के बाद पहली बार आलंद सीट जीती।
18 सितंबर: राहुल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को नष्ट करने वालों और वोट चोरों को बचा रहे हैं। राहुल ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां कांग्रेस समर्थकों के वोट योजनाबद्ध तरीके से हटाए गए। राहुल ने दावा किया कि आलंद में जिन वोटर्स के नाम डिलीट किए गए उनको हटाने के लिए दूसरे राज्यों में ऑपरेट हो रहे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया। राहुल ने प्रजेंटेशन में उनके नंबर भी बताए। गोदावाई के 12 पड़ोसी के नाम भी हैं, जिन्हें इन मोबाइल नंबर्स से डिलीट किया गया।
उधर, चुनाव आयोग ने राहुल के आरोपों को गलत और निराधार बताया था। कहा था कि कोई भी आम नागरिक ऑनलाइन किसी का भी वोट डिलीट नहीं कर सकता। किसी का वोट डिलीट करने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है।