0 सभी नक्सलियों के शव बरामद
0 4 दिन पहले मोदी-शाह ने स्ट्रैटजी बनाई थी
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। इस एनकाउंटर में डीआरजी के 3 जवान शहीद और 2 घायल हो गए हैं। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने पुष्टि की है।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि एनकाउंटर में बीजापुर डीआरजी के जवान हेड कॉन्स्टेबल मोनू वडारी, रमेश सोड़ी और कॉन्स्टेबल दुकारू गोंडे शहीद हो गए। गंगालूर थाना इलाके के जंगलों में जवानों की टीम लगातार सर्चिंग कर रही है।
एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा, और सीआरपीएफ की जॉइंट टीम बुधवार सुबह 9 बजे से बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन इलाके में सर्च ऑपरेशन पर थी। जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई में नक्सली मारे गए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज हमारे बहादुर जवानों की बहादुरी से इतिहास लिखा जा रहा है। नक्सलवाद आखिरी सांसें ले रहा है। उन्होंने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी।
छत्तीसगढ़ में 4 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और एनएसए डोभाल समेत कई हस्तियां डीजीपी कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं। मीटिंग में नक्सलवाद को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर चर्चा की गई थी। अब इसके नतीजे दिख रहे हैं। शाह ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय कर दी है।
राइफल और गोला-बारूद भी बरामद
एसपी ने बताया कि जवानों ने एनकाउंटर वाली जगह से एसएलआर राइफल, 303 राइफल और गोला-बारूद भी बरामद किया है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। मौके पर सर्च जारी है। इलाके को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बैकअप पार्टी भी भेजी गई है। ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए डिटेल्स शेयर नहीं की जा सकतीं। ऑपरेशन पूरा होने के बाद डिटेल्ड अपडेट जारी किया जाएगा।
शहीद जवानों के नाम
1.शहीद प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, डीआरजी बीजापुर
2.शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे, डीआरजी बीजापुर
3. शहीद जवान रमेश सोड़ी, डीआरजी बीजापुर
आतंक का पर्याय रहा कमांडर मंगू मोडियम भी मारा गया
मुठभेड़ में नक्सलियों के गंगालूर एरिया कमेटी में आतंक का पर्याय रहा नक्सली कमांडर वेल्ला मोडियम उर्फ़ मंगू मोडियम भी मारा गया है। इस मुठभेड़ में नक्सली कमांडर वेल्ला समेत 15 नक्सली मारे गए हैं। पेद्दाकोरमा में एक नाबालिग, एक छात्र और एक ग्रामीण की हत्या का मुख्य मास्टरमाइंड था वेल्ला। संगठन में वेल्ला नक्सलियों का इंटेलीजेंस विंग का कमांडर था, साथ ही सीवायपीसीएम और आईसी कंपनी नम्बर 02 का कमांडर भी था।
हमारे जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा : सीएम साय
बीजापुर जिले में चल रहे नक्सल-विरोधी अभियान में आज हमारे वीर सुरक्षाबलों ने 15 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। क्षेत्र में लगातार सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है। इस मुठभेड़ में डीआरजी बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं इन वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि शोक-संतप्त परिजनों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।मुठभेड़ में घायल अन्य दो जवान खतरे से बाहर हैं। उनके समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। मैं उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। हमारे जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे जांबाजों की यह बहादुरी और सफल कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। हमारी सरकार और हमारे सुरक्षाबल “माओवाद के पूर्ण खात्मे” के संकल्प पर दृढ़ता से अडिग हैं। जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँच जाता, तब तक हमारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
18 नवंबर को मारा गया था खूंखार नक्सली हिड़मा
देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर 18 नवंबर को मरेडमिल्ली जंगल में एनकाउंटर में मारा गया। जवानों ने हिड़मा की पत्नी राजे उर्फ रजक्का और 4 अन्य नक्सलियों को भी ढेर किया था। गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों को हिड़मा को खत्म करने के लिए 30 नवंबर तक की डेडलाइन दी थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित मरेडमिल्ली के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इसी ऑपरेशन में हिड़मा डेडलाइन से 12 दिन पहले ही मारा गया।