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0 ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 7 मिनट तक आतिशबाजी
0 यारा नदी किनारे जश्न मनाने लाखों लोग जुटे

नई दिल्ली/ऑकलैंड/सिडनी। दुनियाभर में नए साल 2026 का आगाज हो गया। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में सबसे पहले न्यू ईयर का जश्न मनाया गया। न्यूजीलैंड का ऑकलैंड दुनिया का पहला प्रमुख शहर बना, जहां साल 2026 ने दस्तक दी। भारत समेत दुनियाभर में नए साल का जश्न आतिशबाजी के साथ धूमधाम से मनाया गया। 
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी हार्बर में पारंपरिक आतिशबाजी देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे। वहीं, मेलबर्न के आसमान में 7 मिनट तक हुई आतिशबाजी शो ने शहर को रोशनी से भर दिया।
दुनिया के सबसे पूर्वी हिस्से में स्थित होने के कारण, न्यूजीलैंड में सबसे पहले नए साल का जश्न मनाया जाता है। यहां देश के सबसे लंबे स्काई टावर पर हजारों लोगों ने जमकर जश्न मनाया और आतिशबाजी की। दुनियाभर में अलग-अलग टाइम जोन के कारण 29 देश ऐसे हैं जो भारत से पहले नए साल का स्वागत करते हैं। इनमें किरिबाती, समोआ और टोंगा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, म्यांमार, जापान इंडोनेशिया, बांग्लादेश, नेपाल आदि देश हैं।

टाइम जोन नए साल की एंट्री कैसे तय करते हैं?
नया साल टाइम जोन के मुताबिक रात 12 बजे आता है। सबसे पहले वो देश नया साल मनाता है जो सबसे पूर्व में है (जैसे किरिबाती और न्यूजीलैंड)। इसके बाद धीरे-धीरे बाकी टाइम जोन में नया साल आता है। न्यूजीलैंड में भारत से साढ़े 7 घंटे पहले और अमेरिका में भारत से साढ़े 9 घंटे बाद नया साल शुरू होता है। पूरी दुनिया में नया साल आने की प्रक्रिया करीब 26 घंटे तक चलती रहती है।

टाइम जोन क्या है
टाइम जोन धरती को समय के हिसाब से बांटने का एक तरीका है। धरती हर 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है। यानी हर घंटे में 15 डिग्री, जिसे एक टाइम जोन की दूरी माना गया।इससे पूरी दुनिया में 24 समान दूरी वाले टाइम बने। हर टाइम जोन 15 डिग्री देशांतर का होता है और एक-दूसरे से करीब एक घंटे का फर्क रखता है। इसी वजह से कहीं सुबह होती है तो कहीं रात, और कहीं नया साल पहले आता है तो कहीं बाद में। टाइम जोन ही तय करते हैं कि किस देश में तारीख कब बदलेगी।

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