0 राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुरू
0 वीबी- जी राम जी कानून का जिक्र करते ही विपक्ष का हंगामा
0 कानून वापस लो के नारे लगे
नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला हिस्सा बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा की जॉइंट मीटिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार देश में आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने में सफल रही है। राष्ट्रपति ने 45 मिनट की स्पीच में वीबी- जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया और कानून वापस लो के नारे लगाए। उधर, एनडीए सांसदों ने समर्थन में नारेबाजी की। पीएम मोदी और अमित शाह भी मेज थपथपाते नजर आए।
बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। यह दो हिस्सों में होगा। पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।
ऑपरेशन सिंदूर की ताकत दुनिया ने देखी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से भारतीय सेना का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय सेना ने आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया। मिशन सुदर्शन चक्र पर काम चल रहा है।
पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को रोजगार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत करीब 38 लाख करोड़ रुपए का फंड जारी हुआ है। करीब 12 करोड़ लोन रोजगार के लिए दिए। पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को 16 लाख करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है। आज करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी में एक डायरेक्टर महिला है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मेरी सरकार ने 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर के लिए ट्रेनिंग दी। 10 लाख युवाओं को एआई के लिए ट्रेन किया जा रहा है।
95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का फायदा मिला
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासी समुदाय और हर किसी के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सबका साथ सबका विकास का विजन हर नागरिक की जिंदगी पर सकारात्मक असर डाल रहा है। 2014 की शुरुआत में, सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक पहुंची थीं। सरकार की कोशिशों से अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का फायदा मिल रहा है।
नई पीढ़ी को पूर्वजों से सीख मिली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश ने पिछले दिनों श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार पटेल की 150वीं और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह मनाया जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जो विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज करती है।
भारत दुनिया में सेतु की भूमिका निभा रहा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि विश्व आज कठिन कालखंड से गुजर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे समीकरण भी बदल रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच भी भारत तेजी से विकास की राह पर बढ़ रहा है। इसके पीछे दूरगामी विदेश नीति की भूमिका है। भारत पर दुनिया के देश भरोसा व्यक्त करते हैं। भारत सेतु की भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है। भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को और मुखरता से तेज किया है। पुराने संबंधों को मजबूती देते हुए नए संबंध भी विकसित किए हैं। ग्लोबल पॉलिटिक्स का अंतिम ध्येय मानवता की सेवा होनी चाहिए।
भारत के पास होगा स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
हम किसी को ना डराएं और न ही किसी से डरें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया-‘भय काहूं को देत नहीं, नहीं भय मानत आन’, यानी न हम किसी को डराएं और न ही किसी से डरें। इसी निडर मन और भावना के साथ हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। भारत ने यह सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पूरी दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों का शौर्य देखा। अपने संसाधनों के बल पर हमारे देश ने आतंक के अड्डों को नष्ट किया। मेरी सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर होने वाले हर हमले का जवाब मजबूत और निर्णायक होगा। सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है और यह आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम किया जा रहा है।
माओवादी आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हुई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरी सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। वर्षों तक देश के 126 जिलों में भय और अविश्वास का माहौल था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया। इससे युवाओं, आदिवासियों और दलितों को सबसे अधिक नुकसान हुआ।आज माओवादी आतंक की चुनौती सिमटकर केवल 8 जिलों तक रह गई है। इनमें से भी 3 जिले ऐसे हैं जो गंभीर रूप से प्रभावित हैं। बीते एक वर्ष में माओवादियों से जुड़े करीब 2000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके साथ ही लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है। वह दिन दूर नहीं जब हमारे देश से माओवादी आतंक का पूरी तरह सफाया हो जाएगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में सबको सहयोग करना है
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत में खेलों के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। भारत की महिला टीम ने पहली बार क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता है। इसी प्रकार महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने भी वर्ल्ड कप जीता। मैं सबको बधाई देती हैं। बीते समय में हर क्षेत्र में काम किए हैं। मेरी सरकार ने खेलो भारत नीति बनाई है। खेल संगठनों को पारदर्शी बनाया जा रहा है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल की है, जिसमें आप सबको सहयोग करना है।