0 कहा-छोटे निवेशकों को नुकसान से बचाना मकसद
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में आम बजट 2026 पेश किया। इस बजट में कैंसर दवाओं पर ड्यूटी खत्म करने से लेकर शेयर बाजार में सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाने जैसे ऐलान किए गए। इसके अलावा एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से नौकरियां कम होने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि एआई कभी भी इंसानी मेहनत की जगह नहीं ले सकता। बजट भाषण के बाद निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने बजट से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए।
बजट को लेकर राहुल गांधी की आलोचना पर वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि किस बदलाव की बात की जा रही है क्योंकि देश की आर्थिक नींव बहुत मजबूत है। उन्होंने बताया कि बजट में छोटे और मध्यम उद्योगों (एसएमई), लेदर, टेक्सटाइल और जूता उद्योग के लिए विशेष योजनाएं लाई गई हैं। वैश्विक अस्थिरता से किसानों और महिला उद्यमियों को बचाने के लिए कदम उठाए गए हैं ताकि बाहरी उतार-चढ़ाव का असर उन पर न पड़े। वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि बजट बनाते समय वैश्विक स्थिति हमेशा दिमाग में रहती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी एक विशेष कदम के लिए सिर्फ वैश्विक अनिश्चितता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
एआई कभी भी इंसानी मेहनत की जगह नहीं ले सकता
एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से युवाओं की नौकरियां कम होने के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि एआई कभी भी इंसानी मेहनत की जगह नहीं ले सकता। हमें एआई का इस्तेमाल बिना सोचे-समझे नहीं करना है। भारत में एआई का लक्ष्य युवाओं के लिए काम के नए और आकर्षक अवसर पैदा करना होना चाहिए। भारतीय स्टार्टअप्स पहले से ही एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें सिर्फ बड़े लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के मॉडल्स की भी जरूरत है जो हमारी इकोनॉमी की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। सरकार एआई के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता तैयार कर रही है ताकि इसके फायदे सीधे हमारे लोगों को मिलें।
'रेयर अर्थ कॉरिडोर' से चीन पर निर्भरता कम होगी
बजट में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट का एक बड़ा कदम है। रेयर अर्थ वो खनिज हैं जिनका इस्तेमाल मोबाइल, चिप और बैटरी बनाने में होता है। ये कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बनाए जाएंगे। भारत में इन खनिजों का भंडार है, लेकिन प्रोसेसिंग की कमी है। इन कॉरिडोर के जरिए हम खुद इन खनिजों को प्रोसेस करेंगे, जिससे हमारी दूसरे देशों (जैसे चीन) पर निर्भरता कम होगी। रक्षा कॉरिडोर की सफलता की तरह, ये कॉरिडोर भी अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएंगे।
'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया जाएगा
'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया जाएगा। इससे भारत के अपने 'इंडिया स्टैक' और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी मामलों में सुधार होगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपए की योजना शुरू की गई है। इसका मकसद भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है ।
सरकार देश में 5 यूनिवर्सिटी हब बनाने जा रही
सरकार देश में 5 यूनिवर्सिटी हब बनाने जा रही है। मकसद यह है कि जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें उसी स्तर की शिक्षा भारत में ही मिले। इससे छात्रों को विदेश जाने के लिए भारी कर्ज लेने या वीजा के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। इसमें प्राइवेट सेक्टर और विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप भी शामिल होगी।