0 मूडीज का अनुमान- अगले वित्त वर्ष भारत की जीडीपी 6.4% की दर से बढ़ेगी
नई दिल्ली। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को भारतीय इकोनॉमी को लेकर नए अनुमान जारी किए हैं। मूडीज के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष (2026-27) में भारत की जीडीपी 6.4% की दर से बढ़ सकती है।
मूडीज ने कहा कि यह रफ्तार दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले जी20 देशों के ग्रुप में सबसे ज्यादा होगी। एजेंसी ने इसके पीछे मजबूत घरेलू खपत, सरकार के नीतिगत फैसलों और देश के स्थिर बैंकिंग सिस्टम को मुख्य वजह बताया।
सरकार और आरबीआई के अनुमान से कम है आंकड़ा
मूडीज का यह अनुमान भारत सरकार और रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुमान के मुकाबले थोड़ा कम है। पिछले महीने संसद में पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे में वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.8% से 7.4% की ग्रोथ का अनुमान बताया गया था। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने भी हाल ही में अपनी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के लिए करीब 7% ग्रोथ की उम्मीद जताई है।
टैक्स में बदलाव और जीएसटी से खपत बढ़ेगी
मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर 2025 में जीएसटी के नियमों में हुए बदलाव और पर्सनल इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाए जाने से लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे इकोनॉमी में ग्रोथ होगी। रेटिंग एजेंसी ने अपनी बैंकिंग सिस्टम आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय बैंकों की हालत बेहतर बनी रहेगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फायदा मिलेगा
रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के बाद एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की स्थिति में सुधार आएगा। इससे छोटे उद्यमियों (एमएसएमई) का तनाव कम होगा और निवेश की नई संभावनाएं बनेंगी।
आरबीआई ब्याज दरों में कटौती जारी रख सकता है
मूडीज का मानना है कि महंगाई अब कंट्रोल में है, इसलिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती जारी रख सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कोई संकेत तो नहीं मिल रहे। साल 2025 में आरबीआई पहले ही ब्याज दरों में 1.25% की कटौती कर चुका है, जिससे फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है।
जी20 समूह में शामिल देश
जी20 समूह में अमेरिका, इटली, जापान, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा, अर्जेंटीना, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, चीन, भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, दक्षिण कोरिया व यूरोपियन यूनियन शामिल हैं।