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0 रिलायंस और ब्लैक रॉक में पार्टनरशिप
नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी 'ब्लैक रॉक' के सीईओ लैरी फिंक के बीच बुधवार को यानी 4 फरवरी को खास बातचीत हुई। इस दौरान मुकेश अंबानी ने भारतीय अर्थव्यवस्था और नई टेक्नोलॉजी को लेकर बड़ा भरोसा जताया।
अंबानी ने कहा कि भारत टेक्नोलॉजी को दुनिया के किसी भी दूसरे देश से बेहतर तरीके से अपनाता है, इसलिए हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से डरने की जरूरत नहीं है। वहीं लैरी फिंक ने भारत के युवाओं को अपने देश पर भरोसा करने और उसी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।

बैंक में पड़ा पैसा नहीं, बाजार में लगा पैसा बढ़ता है
मुकेश अंबानी ने भारतीयों को निवेश का मंत्र देते हुए कहा कि हर नागरिक को 'कंपाउंडिंग' (मुनाफे पर मुनाफा) की ताकत का फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक अकाउंट में साधारण ब्याज पर पड़ा पैसा कंपाउंडिंग नहीं है। शेयर बाजार में लगा पैसा ही असली कंपाउंडिंग है।

एआई से डरें नहीं, यह नौकरियों के नए मौके पैदा करेगा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर चर्चा करते हुए अंबानी ने कहा कि भारत तकनीक को दूसरों से बेहतर अपनाता है, इसलिए हमें एआई से डरने की जरूरत नहीं है। वहीं लैरी फिंक ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी के लिए एआई विकास का इंजन बनेगा। यह पुरानी नौकरियों को बदलेगा और नए रोजगार पैदा करेगा। भारत कई विकसित देशों के मुकाबले तकनीक को अपनाने में आगे है।

अगले 10 सालों तक भारत 8% से 10% की रफ्तार से बढ़ेगा
लैरी फिंक ने कहा की कि अगले 10 सालों तक भारत 8% से 10% की ग्रोथ रेट से बढ़ेगा। वहीं मुकेश अंबानी ने कहा कि अगले दशक तक भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा।

भारत में पैदा होंगी 100 नई ‘रिलायंस’
मुकेश अंबानी ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आने वाले समय में वे देश में 100 नई रिलायंस जैसी कंपनियां बनते देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का पेड़ अब फल देने लगा है। हमारी नीतियां स्थिर और टिकाऊ रही हैं, जिसका फायदा अब दिख रहा है।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को और बड़ा होना चाहिए
जियो-ब्लैकरॉक पार्टनरशिप पर मुकेश अंबानी ने कहा कि भारतीयों ने दशकों से बचत की है, लेकिन वह बचत 'प्रोडक्टिव' नहीं रही। जियो-ब्लैकरॉक का मकसद इसी बचत को कमाई में बदलना है। ब्लैकरॉक के सीओओ रॉब गोल्डस्टीन ने कहा कि भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अभी 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 90 लाख करोड़) से कम की है, इसे बहुत बड़ा होना चाहिए।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री 5 साल में होगी दोगुनी
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन केवी कामथ ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले पांच सालों में भारत में म्यूचुअल फंड निवेश दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगा। कामथ ने कहा कि लोग अब बचत से निकलकर निवेश की ओर बढ़ रहे हैं और भारत अब टेक्नोलॉजी के साथ प्रयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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