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नई दिल्ली। राज्य सभा में विपक्ष ने केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा के तीसरे दिन बुधवार को देश में रोजगार के अच्छे अवसरों की कमी तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान न किये जाने तथा पिछली घोषणाओं पर काम शुरू न होने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की जबकि सत्ता पक्ष ने बजट को युवाओं पर केंद्रित और विकास को गति देने वाला बजट बताया।

कई विपक्षी सदस्यों ने बजट में योजनाओं के आवंटन में गैर भाजपा सरकारों वाले राज्यों के साथ भेदभाव की शिकायत की है।
बजट पर सदन में तीसरे दिन की चर्चा के दौरान कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने कहा कि वित्त मंत्री ने लगातार नौ बजट पेश किये हैं जो मोरारजी देसाई के दस के रिकार्ड से केवल एक कम है पर ' इस बार के बजट में एक चीज भी ऐसी नहीं है जिसकी प्रशंसा की जा सके।'

उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में अमेरिका से भारी आयात की प्रतिबद्धता का कथित संदर्भ देते हुए वित्त मंत्री को 'अब एक सप्लिमेंट्री (अनुपूरक) या संशोधित बजट प्रस्तुत करने का सुझाव दिया।" कांग्रेस सदस्य ने कहा कि इस बार बजट पेश किये जाने के बाद अमेरिका के साथ समझौता हुआ है। उसके अनुसार भारत को करीब 60 अरब डालर का अतिरिक्त आयात करना पड़ेगा। यह विमानों के आयात के अतिरिक्त होगा। इसे देखते हुए वित्त मंत्री को अब एक संशोधित बजट पेश करना चाहिए।

श्री शुक्ला ने बजट में स्वास्थ्य के लिये प्रावधानों में कमी की शिकायत करते हुए कहा कि निजी अस्पतालाें में इलाज कराना इतना महंगा है कि वहां आम लोग जा नहीं सकते। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान कार्ड से इलाज एक गोरखधंधा बन गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी का स्तर 15 प्रतिशत है लेकिन इसके लिए कौशल विकास और निजी उद्यम तथा विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा सरकार में खाली पदों को भर्ती करने की जरूरत है।

श्री शुक्ला ने कहा कि भारत में अधिकारी उद्यमियों को इतना परेशान कर देते हैं कि लाखों उद्यमी देश से बाहर चले गये हैं। उन्होंने उद्यमियों को अधिकारियों के भय से बचाने की अपील की।

बजट में कौशल विकास पर प्रावधान की कमी की कांग्रेस सदस्य की शिकायत पर कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस बार कौशल विकास का बजट 62 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 91 हजार करोड़ से भी अधिक हो गया है।

पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) के सदस्य एचडी देवेगौड़ा ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें रोजगार के अवसर बढ़ाने, विनिर्माण को प्रोत्साहन ,सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र (एमएसएमई) की मजबूती और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के विकास से देश की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ने के प्रावधान सामयिक और आवश्यक हैं। बजट में कराधान प्रणाली में सुधार से देश में दीर्घकालिक विदेशी निवेश आकर्षित होगा।

कारोबार में आसानी से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी । उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर विनिर्माण क्षेत्र के प्रयास और सूक्ष्म, लघु तथा मझोले उद्यम क्षेत्र के मजबूत होने तथा कौशल विकास और कारोबार के लिए सस्ते कर्ज से बढ़ेगे, जिसके लिए बजट में ध्यान दिया गया है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और दूर दराज के इलाकों का फायदा होना चाहिए। उन्होंने मखाना बोर्ड की तरह इमली के मामले में भी कुछ कदम उठाने, 500 अमृत सरोवरों के विकास को गति देने, बेंगलूरू से मेंगलोर, विशाखापत्तनम और चेन्नई के बीच औद्योगिक गलियारों के विकास का सुझाव दिया।

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के हरीश बीरन ने बजट पर आज की चर्चा शुरू करते हुए शिकायत की कि इस बजट में केरल के लिए दुलर्भ खनिज कॉरिडोर की घोषणा को छोड़ कर एक भी परियोजना नहीं दी गयी है। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि यह कॉरीडोर सरकारी क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का मॉडल रख जाएगा या यह निजी क्षेत्र में होगा। उन्होंने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री भी इस पर केंद्र से स्पष्टीकरण की मांग कर चुके है।

श्री बीरन ने बजट घोषणाओं का अनुपालन न किये जाने की शिकायत करते हुए कहा, 'पिछले साल के बजट की विभिन्न घोषणाओं के अनुपालन की स्थिति क्या है? कई योजनाओं की घोषणाएं की गयी थीं ,पर उन पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।" उन्होंने कहा कि मंत्रालयों को काम करने की स्वतंत्रता दी जाए अन्यथा कर्तव्य भवन केवल नाम का रह जाएगा।

भाजपा की डॉ कविता पाटीदार ने कहा कि भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के महासागर में आज एक मात्र प्रकाश स्तम्भ बना हुआ है। वैश्विक आपूर्ति की भंग कड़ियों के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया और कहा कि इससे पहले कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौर में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद व्याप्त था।

उन्होंने कहा, ' पहले कमीशन वाली सरकार थी, आज मिशन वाली सरकार है।' भाजपा के अशोकराव शंकर राव चव्हाण ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग, देश के हर क्षेत्र के साथ न्याय करने का प्रयास है। उन्होंने बजट में महाराष्ट्र में रेल और अवसंरचना विकास के लिए किये गये आवंटन के प्रति सरकार का आभार जताया।

उन्होंने वर्धा-यवतमाल- नांदेड़ रेल लाइन का निर्माण तेज करने तथा नांदेड़-बीदड़ के बीच स्वीकृत रेल लाइन परियोजना का काम शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नांदेड़-बीदड़ परियोजना केंद्र और राज्य के बीच 50:50 प्रतिशत के योगदान से पूरी की जानी है। महाराष्ट्र सरकार ने योगदान के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है । उन्होंने सभी पक्षों के सदस्यों से कर्नाटक सरकार को भी इस पर राजी करने की अपील की। उन्होंने नांदेड़-लातूर के बीच 100 किलोमीटर की नयी लाइन परियोजना को भी मंजूरी दिये जाने की मांग की और कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पिछड़े मराठवाड़ा क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी।

भाजपा के सुजीत कुमार ने कहा कि वर्ष 2026 -27 का बजट अगले 25 वर्ष के विकास का रोडमैप (खाका) प्रस्तुत करता है। उन्होंने बजट में सुरक्षा, शिक्षा, नारी के नेतृत्व में विकास , स्वस्थ भारत और पूर्वोदय संबंधी प्रस्तावों को देश के सामर्थ्य और विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

इसी पार्टी के सतपाल शर्मा ने बजट को युवाओं पर केंद्रित बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में प्रगति को बल देगा। उन्होंने बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए 43000 करोड़ रुपये के प्रावधान को लेकर सरकार की सराहना की और कहा कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के बाद कश्मीर में पथराव बंद हो गया और आतंकवादी काबू में कर लिये गये हैं। उन्होंने कहा, 'आज बच्चों के बस्तों में पत्थर नहीं , किताबें और कंप्यूटर होते हैं।'