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0 अजय चंद्राकर ने सदन में थपथपाई पीठ 
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र की सोमवार को शुरुआत हुई। पहले दिन सदन में राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के पहले दिन लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सदन पहुंचे पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा नेताओं से गले मिलकर मुलाकात की। उन्होंने भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर, रामविचार नेताम और धर्मजीत सिंह को हंसकर गले लगाया। इस दौरान अजय चंद्राकर ने लखमा की पीठ थपथपाई। सदन में भाजपा नेताओं से मुलाकात करने के बाद कवासी लखमा चुपचाप अपनी सीट पर आकर बैठ गए। 

एक साल बाद सदन में लखमा की वापसी
शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा करीब एक साल तक जेल में रहे। इस दौरान वे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सके। अब उच्च न्यायालय की ओर से 3 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत दी गई है। इसके बाद विधानसभा की ओर से 7 फरवरी को उनका अभिमत मांगा गया और 2026 में उन्होंने अपनी सहमति व्यक्त की। अब उन्हें तय शर्तों के आधार पर सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई।
विधानसभा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कवासी लखमा को जब भी सदन में आना या जाना होगा, इसकी जानकारी पहले से विधानसभा सचिव को देनी होगी। उनकी आवाजाही पर नजर रहेगी और पूरा कार्यक्रम औपचारिक रूप से दर्ज किया जाएगा। उन्हें अपने निवास क्षेत्र का दौरा करने की अनुमति नहीं होगी। यानी वे सत्र के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या क्षेत्रीय कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। उनकी मौजूदगी केवल विधानसभा परिसर और सत्र की कार्यवाही तक सीमित रहेगी।

बयान देने या चर्चा करने की अनुमति नहीं
सबसे महत्वपूर्ण शर्त 'नो स्पीच' से जुड़ी है। उन्हें अपने ऊपर चल रहे मामले के संबंध में किसी भी प्रकार का बयान देने या चर्चा करने की अनुमति नहीं होगी। वे बजट या अन्य सामान्य विषयों पर चर्चा में भाग ले सकते हैं, लेकिन अपने केस से जुड़े किसी भी मुद्दे पर न तो बोलेंगे और न ही टिप्पणी करेंगे।
यदि उन्होंने इन शर्तों का उल्लंघन किया तो उनकी अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सदन में भी इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी।