0 मंत्री का जवाब- केंद्र के नियम का करेंगे इंतजार
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में प्रदेश में गिग वर्करों का मुद्दा उठा। भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने गिग वर्करों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन को घेरा। इस मंत्री मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि अभी गिग वर्करों के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं है। इस पर केंद्र सरकार द्वारा बनाए जा रहे नियमों का इंतजार करेंगे।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग वर्करों को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में। श्री चंद्राकर ने कहा कि इससे पहले उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर भी सवाल उठाया था, तब भी सरकार ने कहा था कि इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी वही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा गिग वर्करों का कंपनियां शोषण कर रही है। श्री चंद्राकर ने दस मिनट की डिलीवरी जैसे मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी के दबाव में कई बार गिग वर्करों की जान जा रही है। मानवाधिकार संगठनों द्वारा भी इस मुद्दे पर लगातार चिंता जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद अब तक स्पष्ट नियम नहीं बनाए गए हैं। जब तक नियम नहीं बनेंगे, छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे। उन्होंने मंत्री से कहा कि केंद्र सरकार के नियम का इंतजार करने के बजाय प्रदेश में इन गिग वर्करों के लिए कोई नियम बनाएंगे क्या।
श्री चंद्राकर ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा, क्योंकि नियम नहीं बन सके थे, जबकि देश के कई राज्यों ने अपने स्तर पर नियम बना लिए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग करते हुए अपना अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा?
फ़िलहाल न संगठित, न असंगठितः लखन देवांगन
इस पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में। प्रदेश में श्रम विभाग अंतर्गत स्विगि, जोमैटो, ब्लिंककिट, रैपिडो जैसी कंपनियां पंजीकृत नहीं है। उक्त कंपनियों के श्रम विभाग अंतर्गत पंजीयन नहीं होने के कारण इनमें कार्यरत गिग वर्करों की कुल संख्या तथा उनमें छत्तीसगढ़ के गिग वर्करों की संख्या की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्करों को शामिल किया गया है और जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी और उसकी प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान भारत सरकार द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू की गईं, जिसके बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि राज्य में नियम भारत सरकार के अधिनियम के अधीन ही बनाए जाएंगे।