0 मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- कांग्रेस सरकार के मुकाबले 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पांचवें दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान रायगढ़ जिले में फ्लाईएश और कोल डस्ट की अवैध डंपिंग के मुद्दे पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बहस के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुकाबले 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई है। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में फ्लाईएश और कोल डस्ट की अवैध डंपिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने मंत्री ओपी चौधरी से पूछा कि जिले में संचालित कितने उद्योगों से फ्लाईएश डंप किया जाता है। अवैध डंपिंग के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। इसके जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पिछले तीन सालों में फ्लाईएश की अवैध डंपिंग के 49 मामले सामने आए हैं। सभी पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उद्योगों से क्षतिपूर्ति राशि भी वसूली गई है। एक उद्योग से 6.90 लाख रुपए पेनाल्टी ली गई है। इस पर कांग्रेस सदस्य उमेश पटेल ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को शिकायत की गई थी और कार्रवाई शीत सत्र में प्रश्न लगने की वजह से 16 दिसंबर 2025 को की गई। कार्रवाई के नाम पर अधिकारी धोखा दे रहे हैं। फ्लाईएश अभी भी रोड किनारे, खेतों में पड़ा हुआ है। इस पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में 10 अधिक कार्रवाई की है। उन्होंने वर्ष 2020 और 2021 का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्च 2020 और पूरे 2021 में अवैध डंपिंग के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमने 2023-24 में 19 लाख रुपए पेनाल्टी लगाई और एसओपी जारी किया है। मंत्री श्री चौधरी ने आश्वत किया कि पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2021-22 में उस समय कोरोना महामारी के कारण फैक्ट्रियां बंद थी, एसे में कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने मंत्री पर तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। जवाब में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि उस समय कोरोना का प्रभाव नहीं था, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई। श्री चौधरी ने कांग्रेस सदस्य पटेल से कहा कि उनके पर कोई विशेष प्रकरण की जानकारी है तो वे लिखित में दें। उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री श्री चौधरी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए वाकआउट कर दिया।