0 वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को कांग्रेस सदस्यों ने बजट में शामिल कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी को घेरा। मंत्री चौधरी के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने बजट में सम्मिलित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति देने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि अब तक कौन-कौन से कार्य वित्त विभाग के पास लंबित है और क्यों? इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि कोई भी कार्य वित्त विभाग में लंबित नहीं है।
इस पर विधायक श्रीमती सिन्हा ने सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के पूरे काम वित्तीय विभाग में पेंडिंग होने की बात कही। इस पर मंत्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार की स्पष्ट मंशा है कि हम कोई कार्य पेंडिंग न रखकर उसे ज्यादा से ज्यादा कर सके। इसके लिए नवीन मद की राशि भी बढ़ा दी गई है। मशीन उपकरण को 50 हजार से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिए हैं। प्रशासकीय स्वीकृति 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि बजट में प्रावधान बहुत ज्यादा होता है। सरकार प्राथमिकता से प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करती है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बालोद के बारे में तो बताइए। इस पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बालोद के लिए भी वित्त विभाग में कोई फाइल लंबित नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि पीडब्ल्यूडी से वित्त विभाग की फाइल मांगकर उसे स्वीकृत करेंगे क्या? इस पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हर कार्य की एक प्रक्रिया होती है।
इस पर विधायक श्रीमती सिन्हा ने कहा कि 18 करोड़ को जो स्वीकृति है, वो तो आप दे सकते हैं। इस पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विभाग सबकुछ तो करता है। इस बीच भूपेश बघेल ने कहा कि वित्त मंत्री जी काफी उदार है। आप घोषणा कर दीजिए। हम भी आपका स्वागत कर देंगे। इस पर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सबकी एक पद्धति होती है। इस पर भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि आप सब कह दे रहे हैं, लेकिन स्वीकृति नहीं दे पा रहे हैं। वित्त मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।