0 पीएम मोदी ने तमिलनाडु-पुडुचेरी में 7,100 करोड़ के प्रोजेक्ट्स शुरू किए
0 तिरुप्परनकुंद्रम में मंदिर में पूजा अर्चना की
पुडुचेरी/मदुरै। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पुडुचेरी और तमिलनाडु के मदुरै पहुंचे। पुडुचेरी में उन्होंने 2700 करोड़ और तमिलनाडु में 4,400 करोड़ रुपए से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। साथ ही तमिलनाडु में ही आठ नए बने अमृत भारत रेलवे स्टेशनों, तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटर का उद्घाटन किया।
पीएम मोदी ने मदुरै में सभा को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। इसके बाद पीएम मदुरै के तिरुप्परनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर भी गए। वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और दंडवत प्रणाम किया। मंदिर के पुजारियों ने पीएम को भगवान की तस्वीर भेंट की।
मदुरै में पीएम मोेदी ने कहा कि तमिलनाडु की महिलाएं गंभीर संकट में हैं। अपराध बढ़ रहा है। हाल ही में मैंने सुना कि डीएमके के किसी व्यक्ति ने कहा कि उन्हें मेरे पिता या मुझसे डर नहीं लगता। मैं यह बात स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र में कोई किसी से नहीं डरता। इसलिए, जब कोई कहता है कि उन्हें मुझसे डर नहीं लगता, तो वे मेरी आलोचना नहीं कर रहे हैं; बल्कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति मेरी प्रतिबद्धता की सराहना कर रहे हैं। आज तमिलनाडु की महिलाएं गंभीर संकट में हैं। अपराध बढ़ रहा है। लगभग हर दूसरे दिन महिलाओं के खिलाफ किसी न किसी अपराध की खबर सुनने को मिलती है। इसके अलावा, महिलाएं अपने परिवारों को ड्रग माफिया और शराब के चंगुल में बर्बाद होते देख रही हैं। उन्हें याद आता है कि अम्मा के समय उनका जीवन कितना बेहतर था।
तटीय राज्य तमिलनाडु में विकास की अपार संभावनाएं हैं
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु एक तटीय राज्य है और इसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन जब कांग्रेस और डीएमके पहले सत्ता में थीं, तब वे निष्क्रिय थीं। मदुरवॉयल कॉरिडोर रुका रहा, थूथुकुडी ट्रांसशिपमेंट सिर्फ कागजों पर ही रह गया। 2014 के बाद हमें चेन्नई बंदरगाह मिला। हमने बंदरगाह और मदुरवॉयल एलिवेटेड कॉरिडोर को पुनर्जीवित किया। हमने कामराजा और चेन्नई बंदरगाह को एकीकृत करके भारत का पहला पोर्ट क्लस्टर बनाया।
डीएमके की वजह से 34 लाख घर अब तक नहीं बने
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु एक तटीय राज्य है और इसमें अपार संभावनाएं हैं। लेकिन जब कांग्रेस और डीएमके पहले सत्ता में थीं, तब वे निष्क्रिय थीं। मदुरवॉयल कॉरिडोर का काम रुका रहा, थूथुकुडी से माल ढुलाई का काम केवल कागजों पर ही रह गया। 2014 के बाद हमें चेन्नई बंदरगाह मिला। डीएमके न तो गरीबों के लिए काम करती है और न ही दूसरों को काम करने देती है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत तमिलनाडु में छह लाख से अधिक घर पूरे हो चुके हैं। इन परिवारों को अपना घर मिल गया है, वहीं दूसरी ओर, डीएमके की वजह से लगभग तीन लाख घर अभी भी अधूरे हैं।
डीएमके का मॉडल है- पैसा खुद का, समस्याएं जनता की
पीएम मोदी ने कहा कि डीएमके मदुरै में माफिया-शैली की राजनीति लेकर आई। उन्होंने खराब सड़कें, खराब जल निकासी व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन का अभाव पैदा किया। उन्होंने मदुरै को स्वच्छता के मामले में राष्ट्रीय रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर पहुंचा दिया। यहां तक कि भ्रष्टाचार के कारण मदुरै के डीएमके मेयर को भी इस्तीफा देना पड़ा। यही उनका मॉडल है, पैसा खुद के लिए, समस्याएं जनता के लिए!
डीएमके ने कभी मदुरै को पसंद नहीं किया
पीएम मोदी ने कहा कि 2021 में, 25 लंबे वर्षों के बाद, डीएमके को अपने दम पर पूर्ण बहुमत मिला, लेकिन उन्होंने सुशासन नहीं दिया। उन्होंने वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देते हुए राज्य को लूटा और जनता की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया। मदुरै को देखिए। मदुरै ने एमजीआर का साथ दिया, जिन्हें इस शहर से बेहद प्यार था; यही कारण है कि डीएमके ने कभी मदुरै को पसंद नहीं किया।
कुछ लोग तमिलनाडु में सत्ता में वापसी का सपना देख रहे हैं
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग तमिलनाडु में सत्ता में वापसी का सपना देख रहे हैं। जब वे एनडीए की विशाल रैली देखेंगे, तो उनके सपने बुरे सपने में बदल जाएंगे। लोग जानते हैं कि ये चुनाव राज्य के लिए निर्णायक मोड़ हैं। मैं देख सकता हूं कि तमिलनाडु ने अपना मन बना लिया है। जनता ने फैसला कर लिया है।
तमिलनाडु में बदलाव की प्रबल इच्छा साफ झलक रही है
पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग मुझ पर जो स्नेह बरसा रहे हैं, उससे मुझे पिछले महीने मलेशिया की अपनी यात्रा की याद आ गई। मुझे अपने तमिल भाइयों और बहनों से जो स्नेह मिला, वह असाधारण था। वहां तमिल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए, हमने मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना पहले ही कर दी है। तमिलनाडु में बदलाव की प्रबल इच्छा साफ झलक रही है। डीएमके के शासनकाल में किए गए वादे पूरे न होने और भ्रष्टाचार ने जनता को निराश किया है। एनडीए ही लोगों की पहली पसंद है।
भगवान मुरुगन के दर्शन करके दिव्य अनुभूति प्राप्त की
पीएम मोदी ने कहा कि यहां आने से पहले, मैं तिरुपरनकुंड्रम गया था और भगवान मुरुगन के दर्शन करके दिव्य अनुभूति प्राप्त की। मैंने तमिलनाडु और पूरे देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उसी समय मेरा हृदय भारी हो गया और मुझे उस युवा भक्त की याद आ गई जिसने अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज मैं उनकी पत्नी और उनके दो छोटे बच्चों से मिला। मुझे उनका दुख महसूस हुआ और मैंने उन्हें अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भक्त की आत्मा को भगवान मुरुगन के चरणों में शांति मिले।
मोदी ने पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और 'बेस्ट पुडुचेरी' के लिए काम करते रहने की प्रतिबद्धता दोहरायी। श्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश उनके 'बेस्ट पुडुचेरी' यानी व्यापार, शिक्षा, आध्यात्मिकता और पर्यटन पर केंद्रित के दृष्टि की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह पुडुचेरी के अद्भुत लोगों के बीच आकर प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुईं परियोजनाएँ प्रदेश के लोगों के जीवन को सुगम बनाने और क्षेत्र में आर्थिक विकास को तेज़ करने में सहायक होंगी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में, इस दृष्टिकोण ने सुशासन और विकास को जन्म दिया है, जिसका प्रमाण प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और देश में सर्वोच्च सामाजिक प्रगति सूचकांक स्कोर है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण पहलों का उद्घाटन किया, जिनमें पीएम ई-बस सेवा पहल के तहत ई-बसों का शुभारंभ, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर, सिटीज़ (सीआईटीआईआईएस ) पहल के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवास इकाइयाँ, तथा पुडुचेरी सरकार की प्रमुख सीवरेज और जल आपूर्ति परियोजनाएं शामिल हैं।
ये परियोजनाएँ शहरी गतिशीलता में सुधार, नागरिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने और प्रौद्योगिकी आधारित शासन के माध्यम से बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गयी हैं। उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए श्री मोदी ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कराईकल में कॉम्पोजिट इंजीनियरिंग ब्लॉक, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ब्लॉक और गंगा छात्रावास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पांडिचेरी विश्वविद्यालय में नए एनेक्सी भवनों, व्याख्यान कक्षों और छात्रावासों का भी उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने देशभर में अवसंरचना विकास को रेखांकित करते हुए इस वर्ष के बजट में आवंटित रिकॉर्ड 12 लाख करोड़ रुपये का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, "पुडुचेरी को अब 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता' योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है, जो पहले केवल राज्यों तक ही सीमित थी; इससे सड़कों, जल आपूर्ति, स्कूलों, अस्पतालों और ऐसी ही कई अन्य परियोजनाओं जैसी आवश्यक अवसंरचना के लिए अधिक धन उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक मजबूत और सशक्त युवा हमारे देश की विकास की नींव है। हम उनके सपनों को समर्थन देने के लिए काम कर रहे हैं।
एनआईटी कराईकल में नया डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक छात्रावास विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा हासिल करने में सहायक होगी। पांडिचेरी विश्वविद्यालय में अवसंरचना उन्नयन बेहतर शिक्षण वातावरण और अनुसंधान के अवसर पैदा करेगा।" इस दौरान उन्होंने हजारों रिक्त पदों को भरने के बाद सरकार में शामिल हुए युवाओं को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व स्वच्छ और हरित परिवहन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी जैसे पर्यटन केंद्र में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उपलब्ध कराई जा रही इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ने परिवारों को स्थिरता और सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई आवास परियोजनाओं के साथ-साथ पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम में चल रही कई सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उल्लेख किया। इन पहलों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए जल विलवणीकरण संयंत्र, अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार के लिए नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव को कम करने के लिए चल रहे कार्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे सभी प्रयास पुडुचेरी के लोगों के लिए जीवन को सुगम बनाने की दिशा में हैं।"
स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा अवसंरचना को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला। श्री मोदी ने जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जिपमेर ) में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण का उद्घाटन किया और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभीम) के तहत तीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स की आधारशिला रखी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी प्रगति कर सकता है जब उसकी मानव पूंजी स्वस्थ हो, इसलिए स्वास्थ्य सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य सेवा सभी के लिए सुलभ, उपलब्ध और सस्ती होनी चाहिए, एक ऐसा सपना जो आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों के लिए पहले से ही पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी के किसी भी नागरिक को इलाज के लिए दूर यात्रा करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पहले से ही नौ मेडिकल कॉलेज हैं और इसमें मेडिकल टूरिज्म हब बनने की क्षमता है। स्वास्थ्य सेवा क्षमता को और बढ़ाने के लिए, जेआईपीएमईआर स्थित क्षेत्रीय कैंसर केंद्र का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पुडुचेरी और कराईकल में पीएम-अभिम के तहत तीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला रखी गई है। इसके अतिरिक्त, कराईकल में नया एकीकृत आयुष अस्पताल सिद्ध चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य सेवा के लिए क्षेत्र की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा। श्री मोदी ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि पुडुचेरी मेडिकल टूरिज्म हब बन सकता है।
औद्योगिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्रधानमंत्री ने 750 एकड़ में फैले करासुर-सेदारापेट औद्योगिक एस्टेट को राष्ट्र को समर्पित किया। इस एस्टेट में एक फार्मा पार्क, कपड़ा पार्क, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पार्क, सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास का अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र और जिपमेर की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं केंद्र स्थापित किये जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र विनिर्माण, नवाचार और रोजगार सृजन का केंद्र बनेगा। उन्होंने कई अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनमें स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए जल आपूर्ति योजनाएँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 41 ग्रामीण सड़कों का निर्माण, और संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत विद्युत क्षेत्र की परियोजनाएँ शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने ग्रामीण और शहरी दोनों बुनियादी ढाँचे का उल्लेख करते हुए कहा कि कनेक्टिविटी प्रगति की रीढ़ है। उन्होंने बताया कि छात्रों, किसानों और छोटे व्यवसायों की सुविधा के लिए सैकड़ों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, " पुडुचेरी शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जिसमें 440 करोड़ रुपये से बनने वाले पुल भी शामिल है।" उन्होंने बताया कि पूर्व तट और ग्रैंड सदर्न ट्रंक रोड के माध्यम से चेन्नई से कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे यात्रा का समय दो घंटे से कम हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा, "कन्याकुमारी तक पूर्व तट गलियारे में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है, जिससे पुडुचेरी, बेंगलुरु और कोयंबटूर जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जुड़ जाएंगे और पर्यटन, व्यापार और उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने कहा कि परियोजनाओं का यह व्यापक पैकेज अवसंरचना, शहरी सेवाओं, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सतत विकास को मजबूत करने के लिए सरकार के समन्वित प्रयास को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने पर्यटन को पुडुचेरी की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि यह पहले से ही हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्थानीय लोगों के सौहार्द को दिया और कहा कि इस क्षेत्र के लिए ट्रेनें और उड़ानें हमेशा भरी रहती हैं। श्री मोदी ने कहा, "आध्यात्मिक, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर्यटन में लक्षित निवेश के माध्यम से सरकार इस क्षेत्र को नयी ऊंचाइयों पर ले जा रही है, जिसमें प्रशाद योजना के तहत विभिन्न मंदिरों में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास भी शामिल है।" प्रधानमंत्री ने बताया कि श्री अरबिंदो और मदर ने ऑरोविल को चेतना के सार्वभौमिक शहर के रूप में परिकल्पित किया था और आज वहां वैश्विक आध्यात्मिक महोत्सव के प्रारंभ होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन विभिन्न क्षेत्रों और धर्मों के लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी भारत के स्वतंत्रता संग्राम का अभिन्न अंग रहा है। यह कई महान नेताओं का जन्मस्थान या कार्यस्थल रहा है।
उन्होंने कहा कि 1947 में भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में इस भूमि की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस दौरान उन्होंने 2047 तक एक विकसित पुडुचेरी और एक विकसित भारत के निर्माण के मिशन पर जोर दिया और आश्वासन दिया कि दोहरी इंजन वाली सरकार इस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हम बेस्ट पुडुचेरी के लिए काम करते रहेंगे।