Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

बेरूत। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने सोमवार को घोषणा की कि सरकार हिजबुल्लाह की सभी सैन्य और सुरक्षा गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा रही है। यह फैसला हिजबुल्लाह द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के बाद आया है। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य लेबनानी क्षेत्र से अपनी वैध संस्थाओं के बाहर की गई किसी भी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार करता है और युद्ध-शांति का फैसला केवल राज्य के हाथ में है। उन्होंने हिजबुल्लाह की गतिविधियों को 'गैरकानूनी' बताते हुए मांग की कि समूह अपने हथियार लेबनानी राज्य को सौंप दे और अपनी भूमिका को केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित कर ले।
दरअसल, अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हुई। इसके जवाब में पूरे क्षेत्र में तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा 1982 में स्थापित हिजबुल्लाह ने कहा कि उसका हमला शनिवार को हुए बम विस्फोट में मारे गए खामेनेई के 'शुद्ध रक्त' का बदला लेने के लिए था। इजरायल ने तनाव बढ़ाने के लिए हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया और हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम को 'समाप्ति का लक्ष्य' घोषित किया, और हमले शुरू कर दिए।
क्या बोले लेबनानी पीएम?

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी बयान में प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि लेबनानी राज्य लेबनानी क्षेत्र से अपनी वैध संस्थाओं के ढांचे के बाहर शुरू की गई किसी भी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार करता है। उन्होंने जोर दिया कि युद्ध और शांति का फैसला पूरी तरह राज्य के हाथ में है। उन्होंने कहा कि इससे हिजबुल्लाह की सभी सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है, क्योंकि ये कानून के बाहर हैं। प्रधानमंत्री ने मांग की कि हिजबुल्लाह अपने हथियार लेबनानी राज्य को सौंप दे और अपनी भूमिका को केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित कर ले।

गौरतलब है कि इजरायल ने सोमवार तड़के लेबनान की राजधानी बेरूत पर लगातार हवाई हमले किए। ये हमले तब हुए जब इससे पहले हिजबुल्लाह ने सीमा पार इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। इस बीच, इजरायली सेना ने लेबनान के लगभग 50 गांवों के निवासियों से हमलों की आशंका के कारण सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। बता दें कि एक वर्ष से अधिक समय में यह पहला मौका है जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले की जिम्मेदारी ली है।

इजरायली सेना ने कहा कि उसने सीमा पार से आई एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि कई अन्य मिसाइलें खुले इलाकों में गिरीं। इन हमलों में किसी के घायल होने या नुकसान की कोई सूचना नहीं है। वहीं, हिजबुल्लाह ने बयान जारी कर कहा कि ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या तथा इजरायल की बार-बार की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए हैं।