0 सत्ता पक्ष के विधायक के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने किया सवाल
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के दौरान बुधवार को स्कूलों के युक्तियुक्करण के साथ-साथ अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितिकरण के मुद्दे पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव घिर गए। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री से युक्तियुक्तकरण और अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन व नियमितीकरण को लेकर सवाल किया। मंत्री श्री यादव के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सत्ता के पक्ष के विधायक विधायक सुनील कुमार सोनी ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सवाल किया कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कितनी शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया, एक वर्ष में जहां जहां स्कूल भवन खाली हुए है उसका उपयोग कहा हुआ है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विगत वर्ष पूरे प्रदेश में 10538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया हैं, जहां भी खाली भवन हैं वहां स्मार्ट स्कूल, लैब बनाया जाएगा. 10,372 शालाओं का उपयोग हुआ हैं, और 166 स्कूल का उपयोग नहीं हुआ है।
इस पर सुनील सोनी ने सवाल किया कि बहुत से स्कूल जर्जर हैं। कब तक नवीनीकरण होगा। इस पर गजेंद्र यादव ने कहा कि जहां-जहां आवश्यकता है, वह हम जांच करवा कर नवीनीकरण करेंगे। इस बीच विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल किया कि कितने स्कूल के लिए आपने क्या नीति बनाई। इस पर गजेंद्र यादव ने कहा कि चीजों को आसान बनाने के लिए और स्कूल में प्रयाप्त शिक्षक हो, इसके लिए हमने स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है।
इस बीच विधायक राजेश मूणत ने कहा कि युक्तियुक्करण के बाद स्कूलों की स्थिति ख़राब है। मैंने स्वयं दरी ख़रीद कर दी। शिकायत के बाद भी परीक्षण करने अधिकारी नहीं पहुंचे। मूणत के आरोप पर मंत्री ने परीक्षण कराने की बात कही। इस पर आसंदी ने मंत्री को 30 मार्च तक सभी स्कूलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद श्री मूणत ने सवाल किया कि रायपुर जिले में कितने स्कूलों का युक्तियुक्तकरण हुआ? इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि रायपुर में 389 स्कूल में 385 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण हुआ है। 4 खाली हैं। नए सत्र से 150 स्कूल शुरू होंगे, जो स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद के तर्ज पर होगा।
कांग्रेस विधायक ने उठाया अतिथि शिक्षकों का मामला
प्रश्नकाल में ही सदन में प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितिकरण का मुद्दा उठा। उन्हें कितना वेतन दिया जा रहा है, इसे लेकर कांग्रेस सदस्य लखेश्वर बघेल की अनुपस्थिति में विधायक विक्रम मंडावी ने सवाल पूछा। उन्होंने अतिथि शिक्षकों की भर्ती और विज्ञापन को लेकर भी जानकारी मांगी। इस पर विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि 20 हजार रुपए का मानदेय है। अटेंडेंस के हिसाब से भी पेमेंट दिया जाता है। यह पहले से निर्धारित है। प्रदेश में सभी जगह एक समान मानदेय है।
इस बीच कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि नियमितिकरण करने का वादा था। वो कब तक होगा? इस पर मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की कहीं कोई बात नहीं कही गई है। मोदी की गारंटी पूरी हो रही है। आगे भी की जाएगी। विधानसभा में अतिथि शिक्षक के मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ। सदन में विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी की और मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर वॉकआउट किया।