सुल्तानपुर। लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी मामले में सुनवाई सोमवार को वादी मुकदमा भाजपा नेता विजय मिश्रा के गैर हाजिर होने के कारण टल गई है।
न्यायालय अब इस मामले में 27 मार्च को सुनवाई करेगी। वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने आज यहां बताया कि उन्होंने पिछली पेशी पर अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया था।
वादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि उनके मुवक्किल ने पिछली पेशी पर अदालत में एक प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों के जो ऑडियो और वीडियो साक्ष्य के लिए पेश किए गए हैं, उनका मिलान राहुल गांधी की असली आवाज से कराया जाए।
भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में यह परिवाद दर्ज कराया था। इस मामले में 20 फरवरी, 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दी थी।
राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को पुनः एमपी/एमएलए अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे।
राहुल गांधी ने 20 फरवरी को अदालत में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। अदालत ने राहुल गांधी को अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नौ मार्च की तिथि नियत की थी, लेकिन राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने अदालत में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
यह मामला 2018 में कर्नाटक में एक चुनाव अभियान के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी के बाद सुलतानपुर निवासी मिश्रा ने यह मुकदमा दर्ज कराया था।