0 विपक्ष ने कहा था– ईरान जंग में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा, भारत मूकदर्शक बना
0 सर्वदलीय बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात और देश में तेल और गैस की उपलब्धता पर हुई चर्चा
नई दिल्ली। संसद में बुधवार को हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसके जवाब में कहा कि भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है। हम किसी की ओर से मध्यस्थता नहीं करते।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह अध्यक्षता में 2 घंटे चली बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात और देश में तेल और गैस की उपलब्धता पर चर्चा हुई। विपक्ष के आरोप भारत चुप है के जवाब में सरकार ने कहा कि वह लगातार स्थिति पर प्रतिक्रिया दे रही है। ईरान दूतावास खुलने के तुरंत बाद विदेश सचिव वहां पहुंचे और संवेदना व्यक्त की गई। सरकार ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना उसकी प्राथमिकता है, और इस दिशा में अब तक काम संतोषजनक रहा है।
हालांकि विपक्ष ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताया और संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। हालांकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मीटिंग में शामिल नहीं हुए। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
भारत में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण मेंः सरकार
सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने कहा कि वेस्ट एशिया संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में कच्चा तेल, LPG और अन्य जरूरी सप्लाई पर्याप्त है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बैठक में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सप्लाई सामान्य रहने की जानकारी दी। सरकार ने बताया कि भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता के कारण सप्लाई प्रभावित नहीं हुई। अब तक 4 शिपमेंट आ चुकी हैं, आगे भी सप्लाई जारी रहने की उम्मीद। ईरान ने 5 दिन बाद सप्लाई रूट फिर खोले, इसे सकारात्मक संकेत बताया गया। सरकार ने कहा कि भारत सभी देशों के संपर्क में है और सक्रिय कूटनीति कर रहा है। सरकार के अनुसार सप्लाई लाइन चालू रहना भारत की कूटनीतिक सफलता है। विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा के लिए दूतावास सक्रिय हैं। जरूरत पड़ने पर भारतीयों को निकालने की पूरी तैयारी।