0 आपत्तिजनक फोटो वायरल होने पर राज्य सरकार ने की कार्रवाई
0 बिना अनुमति नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर आईपीएस रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। इसका आदेश गृह (पुलिस) विभाग छग शासन ने जारी किया है।
प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया है कि आईपीएस रतन लाल डांगी ने अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं किया और ऐसा व्यवहार किया जो नैतिकता और सेवा नियमों के खिलाफ है। उन पर पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और स्थापित सामाजिक मानकों का उल्लंघन करने के आरोप भी लगे हैं।
आदेश में कहा गया है कि उनकी गतिविधियां सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुईं, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा। इस आधार पर उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। फिलहाल आईपीएस रतन लाल डांगी को निलंबित कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
बता दें कि कुछ दिन पहले एक एसआई की पत्नी ने आईपीएस डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। 5 महीने पहले सरकार ने कार्रवाई करते हुए डांगी को आईजी के पद से हटा दिया था। अब सस्पेंड होने के बाद उनका मुख्यालय नया रायपुर पीएचक्यू निर्धारित किया गया है। इस दौरान वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
आईपीएस डांगी पर क्या आरोप लगे
15 अक्टूबर 2025 को एक एसआई की पत्नी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। पीड़िता ने पुलिस मुख्यालय में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि साल 2017 में रतनलाल डांगी से उसकी मुलाकात कोरबा में हुई थी, जब आईपीएस डांगी वहां एसपी पद पर तैनात थे। शुरूआती बातचीत सोशल मीडिया पर हुई, जो आगे बढ़ती गई। दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वह वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें योग सिखाती थी। राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बनने के बाद डांगी ने कथित रूप से उसे परेशान करना शुरू किया। बिलासपुर आईजी रहते हुए उत्पीड़न का सिलसिला और बढ़ गया।
