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वाशिंगटन (डीसी)/तेहरान। अमेरिका ने दावा किया है कि एफ़-15 ईगल विमान गिराए जाने के बाद ईरान में लापता हुआ सैन्य अफ़सर मिल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर यह जानकारी साझा की है। 

अमेरिका को अफ़सर कैसे मिला, इसकी पूरी जानकारी साफ नहीं है, लेकिन इस ऑपरेशन को करीब से देखने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि दक्षिणी ईरान में एक "बहुत बड़ा" सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।  इस दौरान अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच मुठभेड़ हुई थी, यह भी माना जा रहा है कि पायलट विमान से बाहर निकलते समय घायल हो गया था। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यूएस मिलिट्री ने इतिहास की सबसे साहसी खोज और बचाव कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया। यह हमारे शानदार क्रू मेंबर अफ़सर के लिए था, जो एक बहुत सम्मानित कर्नल भी हैं। मुझे खुशी है कि अब वे सुरक्षित हैं।
यह बहादुर योद्धा ईरान के ख़तरनाक पहाड़ों में दुश्मनों के बीच फंसा हुआ था। ईरानी फ़ौज को वह हर घंटे अपने क़रीब आते देख रहा था, लेकिन वह कभी अकेला नहीं था, क्योंकि उसका कमांडर इन चीफ़, सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर, जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ और साथी सैनिक उसकी लोकेशन पर 24 घंटे नज़र रख रहे थे और बचाव की योजना बना रहे थे।

ट्रंप ने लिखा कि मेरे आदेश पर उसे वापस लाने के लिए अमेरिकी सेना ने दर्जनों विमान भेजे, जो दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस थे. उसे चोटें आई हैं, लेकिन वह ठीक हो जाएगा। यह बचाव अभियान उस सफल ऑपरेशन के बाद हुआ है जो हमने कल किया था, लेकिन हमने उसे सार्वजनिक नहीं किया ताकि दूसरे अफ़सर को ख़तरा न हो।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग जगहों से दुश्मन के इलाक़े से बचाया गया है। हम कभी भी किसी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे. दोनों अभियानों में कोई अमेरिकी सैनिक न तो मारा गया और न ही घायल हुआ। यह साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर पूरी तरह से हवाई कंट्रोल हासिल कर लिया है। 

अमेरिकी अधिकारी बोले-सेना का सिद्धांत है, किसी को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा
 व्हाइस हाउस संवाददाता बर्न्ड डेबुसमैन जूनियर के मुताबिक़, अमेरिका में मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने बचाव अभियान की सफलता का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। मध्य पूर्व के लिए डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस मिक मुलरॉय ने कहा कि अमेरिकी सेना का सिद्धांत है कि किसी को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा। आज उस मूल वचन का शानदार उदाहरण देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना, खुफिया एजेंसियां और खासकर वे लोग जिन्होंने यह अभियान चलाया, वो अमेरिकी जनता की कृतज्ञता के हकदार हैं। 

ईरान ने अमेरिका के ऑपरेशन के बारे में क्या कहा?
ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ने दावा किया है कि सर्च अभियान के दौरान अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया। आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय के मुताबिक़, यह ड्रोन ईरान के दक्षिणी इस्फ़हान प्रांत में गिरा। यह जानकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी और आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने दी है। हालांकि, इन रिपोर्टों की अमेरिकी पक्ष से अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।