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0 कई की हालत गंभीर, कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
0 हादसे के बाद गेट पर विरोध, भारी पुलिस बल तैनात, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल 
0 हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने किया हंगामा 

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में मंगलवार को 14 अप्रैल को दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं दो दर्जन से ज्यादा घायल हो गए हैं, जबकि 30 से 40 मजदूरों के झूलसने की सूचना है। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 

जानकारी के मुताबिक 3 मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई। वहीं 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया, जहां 6 मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि मजदूर 80% झुलस गए हैं। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा कर दिया। वे प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
 
हादसा इतना भयावह था कि प्लांट परिसर में अचानक अफरा-तफरी मच गई। तेज धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग सहम उठे और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वर्तमान में घायलों का इलाज रायगढ़ के निजी और सरकारी अस्पतालों में जारी है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे, संभाली कमान राहत-बचाव तेज 
हादसे की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और टीमों का नेतृत्व करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत और उपचाहर कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो।

मजदूरों और परिजनों में भारी आक्रोश
इधर, घटना के बाद प्लांट गेट के बाहर मजदूरों और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंच गई थी और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया है और मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घायलों के त्वरित समुचित इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे की जां

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः देवांगन
छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होः नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत 
घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक बताया है। उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने, मृतकों एवं घायलों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि श्रमिकों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा मानकों में लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाएः बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 10 मजदूरों की मौत और 50 से अधिक के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने इसे हादसा नहीं बल्कि ‘हत्या’ बताते हुए प्लांट प्रबंधन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच कराने, घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अच्छा इलाज देना पहली प्राथमिकताः प्लांट प्रबंधन
हादसे के बाद पावर प्लांट के प्रवक्ता ने कहा कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे पावर प्लांट के बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें हमारे सब-कॉन्ट्रैक्टर एनजीएसएल  के कर्मचारी शामिल थे, जो इस यूनिट का संचालन और रखरखाव करते हैं। हमारी तत्काल प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है। हम घायलों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय में हैं। हम इस घटना के सभी विवरणों का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और अपने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं। 
 

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