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0 मोदी की अपील के बाद केंद्र सरकार की सफाई  
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर लोगों से ईंधन बचाने, सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने की अपील के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अपील देश पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए की गयी है और देश में कच्चा तेल, रसोई गैस या अन्य किसी भी तरह के ईंधन की कमी नहीं हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सुश्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि इस कठिन समय में वे ऊर्जा संरक्षण के सभी कदम उठायें और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढायें जिससे कि देश पर निरंतर बढ रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कच्चे तेल सहित सभी तरह के ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है और किसी भी पेट्रोल पंप या गैस वितरण कंपनी से किसी भी तरह की कमी की जानकारी नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना दुनिया का सबसे बड़ा व्यवधान है। इस रास्ते से दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति की जाती है, जिससे भारत भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए अनेक प्रभावशाली कदम उठाये हैं और घरेलू उपभोक्ता को गैस आपूर्ति सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि भारत में 40 प्रतिशत कच्चा तेल और 90 प्रतिशत एलपीजी आयात की जाती है। सरकार ने सभी रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन बढाने का निर्देश दिया हुआ है।

सरकार की ओर से एलपीजी और पीएनजी को बढावा दिया जा रहा

सुश्री शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से एलपीजी और पीएनजी को बढावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि कंपनी महंगी ऊर्जा खरीद कर देश में सस्ती बेच रही है, जिससे उनपर आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आग्रह को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए कि ऊर्जा संरक्षण करते हुए कैसे आर्थिक बोझ को कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हड़बड़ी में खरीद न करें। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी किसी भी क्षेत्र के लिए किसी तरह के पैकेज की योजना नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो अपील की है, उसे उसी भावना में समझा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के कहने का मतलब है कि कठिन समय में उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए और इसे इस रूप में नहीं देखा जाना चाहिए कि देश में इन चीजों की बहुत कमी है।

पश्चिम एशिया क्षेत्र में अभी भी भारतीय ध्वज वाले 13 जहाज हैं 
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से बताया गया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में अभी भी भारतीय ध्वज वाले 13 जहाज हैं और उन्हें सुरक्षित लाने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार इन जहाजों के नियमित संपर्क में है। उर्वरक मंत्रालय की ओर से कहा गया कि देश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। 

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