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0 अमेरिका, फ्रांस और स्पेन के रहने वाले
0 अब कर कुल 9 केस हुए
वाशिंगटन डीसी। हंतावायरस के संपर्क में आए 3 और लोगों में संक्रमण मिला है। इनमें एक अमेरिकी और एक फ्रांसीसी यात्री शामिल हैं, जो पहले अपने-अपने देश लौट चुके थे। वहीं, मैड्रिड में क्वारैंटाइन एक स्पेनिश नागरिक की शुरुआती रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।

अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है। 11 अप्रैल को एक बुजुर्ग डच यात्री की जहाज पर मौत हुई थी। उनकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका में मृत मिलीं। 2 मई को एक जर्मन महिला की जहाज पर मौत हो गई।

ये सभी यात्री ‘एमवी होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां वायरस के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक जहाज से जुड़े हंतावायरस के 9 केस कन्फर्म हो चुके हैं।

डब्ल्यूएचओ ने जहाज से लौटने वाले सभी लोगों के लिए 42 दिन आइसोलेशन की सिफारिश की है। हालांकि अमेरिकी सीडीसी ने कहा कि वायरस का इंसान से इंसान में फैलना दुर्लभ है और इसे कोविड जैसी महामारी नहीं माना जाना चाहिए।

इससे पहले सोमवार को हंतावायरस के संपर्क में आए 17 अमेरिकी यात्रियों को अमेरिका के नेब्रास्का मेडिकल सेंटर लाया गया। यहां उन्हें 42 दिनों तक निगरानी और क्वारिंटीन में रखा जाएगा।

हंता वायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ्ते तक लग सकते हैं
हंतावायरस से इंसानों की किडनी फेल होने का खतरा होता है। कई मामलों में मरीज को तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी होने लगती है। हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है और जान का खतरा भी हो सकता है।
इंसानों में हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते लग जाते हैं, लेकिन इसके बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, हंता वायरस की चपेट में आने वालों में से 35-40% की मौत 6 हफ्तों के अंदर हो जाती है।

जानवरों से फैलता है यह वायरस
हंतावायरस एक खतरनाक वायरस है, जो ज्यादातर चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह उनके मल, पेशाब और लार में पाया जाता है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की “हंटन” नदी के नाम पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, हंता वायरस की “एंडीज” नाम की एक खास किस्म इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, साथ खाना खाने या एक ही बिस्तर पर सोने से फैल सकता है। मरीज की देखभाल करने वालों को ज्यादा खतरा रहता है। इस वायरस का पहला मामला 1993 में अमेरिका में सामने आया था। उस समय एक अमेरिकी दंपत्ति की मौत हुई थी। जांच में उनके घर के आसपास चूहों के बिल और वायरस के निशान मिले थे। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल हंता वायरस के करीब 1.5 लाख मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज्यादातर यूरोप और एशिया के होते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मामले चीन से होते हैं। 2018 में अर्जेंटीना की एक बर्थडे पार्टी में यह वायरस 34 लोगों में फैल गया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी।