नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आगामी 21 जून को फिर से होने वाली नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) प्रारूप में आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को निर्देश देने से सोमवार को इनकार कर दिया और मौजूदा 'पेन-एंड-पेपर' (ऑफलाइन) मोड को ही बरकरार रखने का फैसला किया।
न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने इस संबंध में राहत देने से इनकार कर दिया और मामले की सुनवाई जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।
न्यायालय के इस फैसले से नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा के सीबीटी मोड में कराने की किसी भी संभावना पर फिलहाल विराम लग गया है।