Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात-कर्नाटक के ऊपर बादल नदारद
0 7 दिन से तेलंगाना में अटका मानसून

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना। जून के तीसरे सप्ताह में भी मानसून देश के बड़े हिस्से को कवर नहीं कर पाया है। 17 जून की सुबह ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के ऊपर मानसूनी बादल नहीं हैं। इन राज्यों में आसमान साफ दिख रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक, देश के 723 जिलों में से सिर्फ 103 में ही सामान्य बारिश हुई है। यानी, देश के 40% हिस्से में सामान्य से कम बारिश हुई है। इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया का न बनना है।

4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। पिछले 7 दिन से यह तेलंगाना के भद्राचलम में अटका हुआ है। इसी वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश में देरी हो गई है।

अधिकतर जगह बारिश नहीं, लेकिन गर्मी से राहत
मानसूनी बारिश भले ही न हुई हो, लेकिन प्री-मॉनसून एक्टिविटीज और लोकल सिस्टम्स की वजह से देश के अधिकांश राज्यों में पारा 40 डिग्री या इससे नीचे बना हुआ है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा में हीटवेव से राहत मिली है।

अगले दो दिन के मौसम का हाल
18 जून : बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना। बिहार में कुछ जगहों पर 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

19 जून : सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।

जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।

tranding