0 बहुचर्चित शराब, कस्टम मिलिंग और कोल लेवी घोटाले में शामिल होने का आरोप
0 कोर्ट के परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही
रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब, कस्टम मिलिंग और कोल लेवी घोटाला मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गुरुवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। वकीलों की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायधीश सुमित कपूर ने अग्रवाल को 17 जुलाई तक के लिए ईओडब्ल्यू की रिमांड पर भेज दिया। बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि नियत अवधि तक पूछताछ के बाद ईओडब्ल्यू फिर से उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही।
बता दें कि बुधवार को उन्होंने रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) के दफ्तर पहुंचकर सरेंडर किया था। गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने मेडिकल जांच के बाद अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया।
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि ईओडब्ल्यू ने 14 दिन कि रिमांड मांगी थी, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 9 दिन की कस्टोडियल रिमांड दी है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। इसके विरोध में कांग्रेस शुक्रवार को पूरे प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं भी इस केस में अभियुक्त हूं, इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता।
घोटाले में शामिल होने का आरोप
रामगोपाल अग्रवाल का नाम करीब 3 हजार करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले, 540 करोड़ रुपए के कोल लेवी वसूली मामले और 127 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले की जांच में सामने आया है। जांच एजेंसियां इन मामलों में कथित धन के प्रवाह, लाभार्थियों और कमीशन के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
मामला कोयला लेवी घोटाले की जांच से जुड़ा है। जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी की जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपए की एंट्री मिली है। ईओडब्ल्यू का दावा है कि यह रकम रामगोपाल अग्रवाल के जरिए कांग्रेस भवन तक पहुंची थी। पैसे कहां से आए, किसने पहुंचाए, किसने लिए और उनका इस्तेमाल कहां हुआ, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ जारी है। वहीं, ईओडब्ल्यू ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी 2 दिनों तक लंबी पूछताछ की है। ईओडब्ल्यू का दावा है कि शराब घोटाला केस में अनवर ढेबर और उसके लोगों ने करोड़ों रुपए कांग्रेस भवन में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए गए। इसके अलावा कस्टम मिलिंग केस में भी रोशन चंद्राकर ने करोड़ों रुपए कांग्रेस भवन में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए।
वित्तीय लेन-देन की जांच जारी
ईओडब्ल्यू रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका, संबंधित व्यक्तियों से संपर्क, वित्तीय लेन-देन, धन के स्रोत, प्राप्ति और उपयोग की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ जब्त डायरी, दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और विवेचना के दौरान जुटाई गई अन्य सामग्री के आधार पर की जा रही है।