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0 अजय चंद्राकर ने लोकधन के दुरुपयोग पर वित्त मंत्री चौधरी से मांगा जवाब
0 स्वेच्छाचारिता टिप्पणी पर चंद्राकर और बघेल में हुई जमकर बहस 

रायपुर। विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को नवा रायपुर के सेवाग्राम परियोजना को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सेवाग्राम पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए इसे “एक व्यक्ति विशेष की स्वेच्छाचारिता” का परिणाम बताया। इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई, इसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। इस मुद्दे पर अजय चंद्राकर और भूपेश बघेल के बीच जमकर बहस हुई। 

प्रश्नकाल के दौरान नवा रायपुर स्थित सेवाग्राम की वित्तीय और भौतिक स्थिति पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सेवाग्राम बनाने का निर्णय 10 मार्च 2022 को लिया गया था। परियोजना का उद्देश्य महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर ग्राम की अवधारणा को साकार करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कारीगरों को प्रशिक्षण देना है।

वित्त मंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक कुल 129 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया। मल्टीपरपज डाइनिंग हॉल, सामुदायिक किचन और प्रसाधन कक्ष पर 3.72 करोड़ रुपए तथा अन्य निर्माण कार्यों पर 104.05 करोड़ रुपए  खर्च किए गए हैं।  सरकार के अनुसार सेवाग्राम के सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि इसके संचालन के लिए अभी तक कोई अलग सेटअप स्वीकृत नहीं किया गया है।

वित्त मंत्री के जवाब के बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि पिछली सरकार में लोकधन का किस तरह दुरूपयोग हुआ है, इसका यह एक उदाहरण है। बिना कांसेप्ट के इतनी बड़ी राशि खर्च की गई।  “एक व्यक्ति विशेष की स्वेच्छाचारिता की वजह से करीब 200 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तत्काल खड़े हुए और कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इस बयान का विरोध करते हुए स्पष्टीकरण देने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी टीका-टिप्पणी शुरू हो गई और सदन में कुछ देर तक जोरदार बहस का माहौल बना रहा। 

बाद में अजय चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से भूपेश बघेल की भावनाएं आहत हुई है तो वे इसके लिए सदन में खेद व्यक्त करते हैं।