0 मंत्री के जवाब से असतुंष्ट विपक्ष ने नामजद एफआईआर न होने पर उठाए सवाल
रायपुर। विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को तिल्दा विकासखंड के ग्राम आल्दा में ग्रामसभा प्रस्ताव में हेरफेर कर उद्योग स्थापना को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा के प्रस्ताव में अतिरिक्त पंक्तियां जोड़कर दो निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने सरकार से दोषियों पर कार्रवाई और कंपनियों को आवंटित जमीन निरस्त करने की मांग की। इस पूरे मामले में वित्त एवं आवास-पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान भूपेश बघेल ने ग्राम अल्दा और देवरी-घुलघुल में उद्योग स्थापना के लिए कथित फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों का मुद्दा उठाया। इस पर जवाब देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि ग्राम आल्दा में मेसर्स बालाजी स्टील तथा मेसर्स अग्रसेन स्टील द्वारा उद्योग स्थापना के लिए पर्यावरणीय सहमति का आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए मंडल को ग्रामसभा प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की स्थापना से पहले विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां, टर्म्स ऑफ रेफरेंस और पर्यावरणीय स्वीकृतियां लेना अनिवार्य होता है।
मंत्री चौधरी ने स्वीकार किया कि ग्राम अल्दा के प्रस्ताव में जालसाजी की शिकायत की जांच त्रि-सदस्यीय समिति ने की थी। जांच में पाया गया कि ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था, जबकि कार्यवाही पंजी की अंतिम दो पंक्तियां किसने लिखीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2026 को थाना तिल्दा-नेवरा में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सरकार ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने संबंधित परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति जारी नहीं की है।
इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा कि क्या सरपंच-सचिव पर कार्रवाई होगी? बालाजी स्पंज एवं आयरन लिमिटेड और अग्रसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित जमीन निरस्त की जाएंगी। इस पर वित्त एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पुलिस विवेचना कर रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर दोषियों और कंपनियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।