नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आठ अगस्त को प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होंगे लेकिन प्रशासन उनके दौरे को रोकने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।
श्री गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीटों में कटौती के खिलाफ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीति युवाओं की आवाज दबाने की है। उनका कहना था कि सवाल पूछने पर लाठी चलाई जाती है, विरोध करने पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और आवाज उठाने पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जबसे उन्होंने छात्रों की बात सुनने के लिए आठ अगस्त को प्रयागराज जाने का फैसला किया, तभी से प्रशासन उनके कार्यक्रम को हरसंभव और हर तरीके से रोकने का प्रयास कर रहा है। इससे साफ है कि सरकार छात्रों की गूंज से भी डर रही है।
श्री गांधी ने कहा कि मैं छात्रों के साथ हूं। सरकार चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, मुझे छात्रों की आवाज उठाने से रोक नहीं सकती। आठ अगस्त को प्रयागराज में छात्रों के बीच रहूंगा और उनकी आवाज बुलंद करूंगा।
गौरतलब है कि श्री गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से की थी। इसके बाद इस अभियान का दूसरा कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया गया और अब प्रयागराज में आठ अगस्त को होने वाला कार्यक्रम इस अभियान की तीसरी कड़ी होगा। श्री गांधी इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों से संवाद करेंगे।