Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 राजनाथ ने सशस्त्र बलों के शौर्य की सराहना की, कहा रक्तदान को संस्कृति बनाए युवा

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश के रक्षा बलों के "अद्वितीय शौर्य" का प्रदर्शन के साथ दुनिया को यह संदेश भी दिया कि देश अपने नागरिकों और महिलाओं के सिंदूर की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि श्री सिंह ने दिल्ली छावनी स्थित बेस अस्पताल में 'सिंदूर महारक्तदान यात्रा' रक्तदान शिविर को संबोधित करते हुए सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों और उनके आकाओं को समाप्त करने की सराहना की और कहा कि भारत पर "बुरी नजर" डालने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर और रक्तदान अभियान के बीच समानता बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि जहां ऑपरेशन सिंदूर ने साहस का प्रदर्शन किया, वहीं इस मेगा शिविर ने करुणा का प्रतिनिधित्व किया। महाराष्ट्र के लगभग 1,000 पहलवानों और खिलाड़ियों ने रक्तदाताओं के रूप में भाग लिया, जबकि शिविर में लगभग 500 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया।

श्री सिंह ने रक्तदान को "जीवनदान" और "महादान" बताया तथा जोर देकर कहा कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान को एक संस्कृति बनाने का आग्रह किया और कहा कि रक्तदाता और रक्त लेने वाले अपने-अपने तरीके से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने युवाओं से फिटनेस को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया और खेलो इंडिया तथा फिट इंडिया जैसी सरकारी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित महाराष्ट्र की शौर्य और करुणा की परंपरा उसके खिलाड़ियों और पहलवानों के योगदान के माध्यम से जारी है।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय रविंद्र सामंत, सांसद डॉ. श्रीकांत लता एकनाथ शिंदे, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक अधिकारी उपस्थित रहे।

इस तरह के कार्यक्रम सैन्य अस्पतालों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाओं के लिए जरूरी है, क्योंकि इसके अस्पताल नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सैन्य अभियानों, आघात और आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़ी आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं।