0 सुप्रीम कोर्ट में अपील- असली शिवसेना और पार्टी सिंबल किसका, यह बाद में देखें
नई दिल्ली। उद्धव ठाकरे गुट ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि असली शिवसेना किसकी, इसका फैसला विधायकों की अयोग्यता से जुड़े के बाद होना चाहिए।
उद्धव गुट का कहना है कि पहले यह तय हो कि बागी विधायक अयोग्य हैं या नहीं, इसके बाद चुनाव आयोग यह तय करे कि असली राजनीतिक पार्टी कौन-सा गुट है। यह दलील एडवोके कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने दी। बेंच उद्धव गुट की याचिकाओं पर छठे दिन दलीलें सुन रही थी। जिनमें चुनाव आयोग के एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना मानने और पार्टी का नाम और धनुष-बाण निशान देने के फैसले को चुनौती दी गई है।
विधायकों की अयोग्यता पर फैसला पहले लेने की अपील
सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने कानून को गलत तरीके से समझा। उन्होंने विधायकों की संख्या में बहुमत को ही राजनीतिक पार्टी मान लिया, जबकि दोनों अलग चीजें हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह तय करना चाहिए कि असली पार्टी कौन-सी है, लेकिन यह फैसला बागी विधायकों के खिलाफ चल रही अयोग्यता की कार्यवाही पूरी होने के बाद ही होना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि अगर इन विधायकों को आखिर में अयोग्य ठहराया जाता है, तो विधानसभा में उनकी संख्या को नहीं गिना जाना चाहिए।
39 विधायकों को अयोग्यता के नोटिस
सिब्बल ने कहा कि अयोग्यता का सामना कर रहे बागी विधायकों की संख्या पहले 16 थी। बाद में यह 22 और आखिर में 39 हो गई। इन विधायकों पर अलग-अलग उल्लंघनों के आरोप थे। इनमें विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव और उसके बाद हुए विश्वास प्रस्ताव के दौरान पार्टी व्हिप का पालन नहीं करना भी शामिल था।