0 विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को यहां नेपाल पर विशेष ब्रीफिंग दी
नई दिल्ली। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कारण हुई तबाही के बाद 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, इनमें वे 73 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं जो त्रिशूली-1 ऊर्जा परियोजना पर काम कर रहे हैं जबकि 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है जो तमिलनाडु के हैं। इसके अलावा मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 200 भारतीय नागरिकों के चीन के क्षेत्र में फंसे होने की आशंका है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को यहां नेपाल पर विशेष ब्रीफिंग में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर इस त्रासदी पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा है कि भारत नेपाल की जनता के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। उन्होंने भारत की ओर से हर संभव सहायता तथा मानवीय सहायता की पेशकश की थी।
बाढ़ के बाद वहां फंसे हुए और लापता भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 288 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें वे 73 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं जो त्रिशूली-1 ऊर्जा परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि काठमांडू स्थित भारती दूतावास इन लोगों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए परियोजना प्रमुख के संपर्क में है। उस क्षेत्र में संचार लाइनें पूरी तरह से बाधित हैं और इसलिए जमीन पर मौजूद लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है।
लापता 288 भारतीय नागरिकों का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि इनमें से 73 त्रिशूली परियोजना में काम कर रहे थे। इसके अलावा तमिलनाडु के 37 और 49 भारतीय नागरिकों के दो अलग-अलग समूह हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सम्राट ट्रैवल और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल के माध्यम से गए थे। पश्चिम बंगाल के 32 लोग हैं जो सम्राट ट्रैवल की सहायता से यात्रा करके तिमुरे में हैं। तिमुरे रासुवा जिले में स्थित है, जहां यह आपदा हुई है। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के 61 लोग हैं जिन्होंने रिचा टूर्स के माध्यम से यात्रा की थी। केरल के 33 लोग भी नेपाल गये हुए थे।
प्रवक्ता ने कहा कि सरकार नेपाल के अधिकारियों के माध्यम से भारतीय लोगों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास कर रही है। इसके अलावा तमिलनाडु के 21 लोगों को बचा लिया गया है। भारतीय राजदूत ने इन लोगों से बात की है और उन्हें स्वदेश लौटने में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह भी पता चला है कि मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 200 भारतीय चीन के क्षेत्र में फंसे हुए हैं जिन्होंने निकलने के लिए सहायता मांगी है। इनमें से 95 गार्चन में हैं और बिल्सा की ओर बढ़ रहे हैं जिससे कि नेपाल में प्रवेश कर सकें। इसके अलावा चार जीलॉन्ग शहर में हैं, जबकि 13 लोग ज़ुतुल्पो में हैं और वे सागा शहर की ओर जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय में विशेष नियंत्रण कक्ष की स्थापना
नेपाल में भीषण बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि नियंत्रण कक्ष से निम्न माध्यमों से निर्धारित नम्बरों पर संपर्क किया जा सकता है।
ये टेलीफोन नंबर हैं - 91-11 2308 8718, 91-11 2308 8719
व्हाट्सऐप कॉल/संदेश - 91- 9968291988
ई-मेल - situationroom@mea.gov.in
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के आपातकालीन संपर्क नंबर भी उपलब्ध हैं। (इन नंबरों पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है)
977-985 131 6807, 977-970 910 7500, 977-981 032 6117
नेपाली अधिकारियों के हेल्पलाइन नंबर
पर्यटक पुलिस 977-9851289445, नेपाल सेना 977-9851072914
ई-मेल: dgmi-foreign@nepalarmy.mil.np
नेपाल राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण
977-9851320269, 977-9849281097
एक्स: @NDRRMA_Nepal, रासुवा पुलिस 977-9851254960, सहायक मुख्य जिला अधिकारी, रासुवा 977-9851164422
नुवाकोट पुलिस 977-9851282380, सहायक मुख्य जिला अधिकारी, नुवाकोट 977-9851248777, धादिंग पुलिस 977-9851229860
मुख्य जिला अधिकारी, धादिंग 977-9851247777, चितवन पुलिस 977-9855013999, सहायक मुख्य जिला अधिकारी, चितवन 977-9855088891