0 भारत की एयर इंडिया का 57वां और इंडिगो 61वें नंबर पर
लंदन/सिंगापुर। दुनिया की प्रमुख एयरलाइंस की नई रैंकिंग सामने आ गई हैं। स्काईट्रैक्स की 2026 वर्ल्ड एयरलाइन अवार्ड्स रैंकिंग में पहला स्थान सिंगापुर एयरलाइंस का है। पिछले साल यह एयरलाइन दूसरे नंबर पर थी। वहीं 2025 की नंबर-1 एयरलाइन कतर एयरवेज इस बार दूसरे स्थान पर रही है। वहीं कैथे पैसिफिक ने तीसरे नंबर पर अपनी जगह बरकरार रखी है। भारत की एयर इंडिया का 57वां और इंडिगो 61वें नंबर पर है।
दुनिया की टॉप 10 एयरलाइंस में भारत की कोई भी एयरलाइंस शामिल नहीं है। इस टॉप 10 लिस्ट में जापान की एएनए ऑल निप्पॉन एयरवेज चौथे, टर्किश एयरलाइंस पांचवें और एमिरेट्स छठे स्थान पर रही है। इसके अलावा एयर फ्रांस सातवें नंबर पर है। इसके बाद हैनान एयरलाइंस, जापान एयरलाइंस और कोरियन एयर ने आठवां, नौवां और दसवां स्थान हासिल किया है।
दुनिया की टॉप एयरलाइंस में भारत की एयरलाइंस का स्थान
भारतीय एयरलाइंस की बात करें तो दुनिया की टॉप एयरलाइंस की लिस्ट में एयर इंडिया का 57वां स्थान हैं। खास बात यह है कि साल 2025 में एयर इंडिया 84वें नंबर पर थी यानी इस बार उसकी रैंकिंग में 27 स्थान का सुधार हुआ है। इंडिगो एयरलाइंस की बात करें तो पिछले साल 39वें स्थान पर रहने वाली इंडिगो इस बार 61वें नंबर पर पहुंच गई है। हालांकि, वैश्विक सूची में वह अब भी भारत की दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली एयरलाइन है।
दक्षिण एशिया से जुड़ी क्षेत्रीय रैंकिंग में एयर इंडिया पहले नंबर पर
स्काईट्रैक्स की भारत और दक्षिण एशिया से जुड़ी क्षेत्रीय रैंकिंग में एयर इंडिया को पहला स्थान मिला है। यहां इंडिगो दूसरे नंबर पर है। इसके बाद अकासा एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस, श्रीलंकन एयरलाइंस और स्पाइस जेट का स्थान है।
यात्रियों की सुविधाओं के आधार पर रैंकिंग
बता दें कि स्काईट्रैक्स की यह रैंकिंग केवल एयरलाइंस के विमानों की संख्या या कंपनी के कारोबार को देखकर तैयार नहीं की जाती है। इसमें यात्रियों के अनुभव और उनकी राय को अहम माना जाता है। साल 2026 की रैंकिंग के लिए सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच यात्रियों से प्रतिक्रिया ली गई। इस सर्वे में 300 से ज्यादा एयरलाइंस शामिल थीं और 100 से अधिक देशों के यात्रियों ने हिस्सा लिया। यात्रियों ने विमान के अंदर मिलने वाली सेवा, सीट का आराम, सफाई, खाना, मनोरंजन, वाई-फाई, हवाई अड्डे की सेवा और पैसे के बदले मिलने वाली सुविधा जैसे कई पहलुओं पर अपनी राय दी। स्काईट्रैक्स के अनुसार, सर्वे के नतीजों की जांच भी की गई जिससे दोहराए गए या योग्य नहीं माने जाने वाले जवाबों को हटाया जा सके।