संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को राज्य में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की करीब 12 घंटे चली छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि जांच एजेंसी की टीमें खाली हाथ लौटीं और उन्हें कुछ नहीं मिला।
उन्होंने इसे उनकी सरकार की ईमानदारी की पुष्टि बताया। श्री मान ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुने हुए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भाजपा विपक्षी नेताओं और उनके सहयोगियों को निशाना बनाती रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐसी कथित दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा।
मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक बौखलाहट का परिणाम है और वह तथा उनकी सरकार ऐसी कोशिशों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने भाजपा से पंजाबियों से माफी मांगने को कहा। श्री मान ने दावा किया कि पंजाब में हुई छापेमारी में एजेंसी को कुछ नहीं मिला और इससे सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह हर जांच का सामना करने को तैयार है।
उन्होंने भाजपा की नशा विरोधी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित 'रेड यात्रा' भी विफल होगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र पंजाब के साथ लगातार अन्याय कर रहा है और पंजाबी इसका जवाब देंगे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड, सतलुज-यमुना लिंक नहर, ग्रामीण विकास निधि और सीमा क्षेत्र निधि समेत विभिन्न मुद्दों पर केंद्र पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में नहर से सिंचाई बढ़ने और इससे किसानों को लाभ मिलने का भी दावा किया। श्री मान ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का किसी दल से मुकाबला नहीं है और पार्टी लोगों के कल्याण के लिए काम जारी रखेगी।