0 भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार, 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। इसके बाद भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले कई सामान पर आयात शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड में अपना सामान बेचना आसान होगा। सोमवार को इस समझौते के तहत भारत से पहली खेप न्यूजीलैंड के लिए रवाना की गई।
इस पहली खेप में महाराष्ट्र में बनी जेसीबी की छोटी खुदाई मशीन भेजी गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे रवाना किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, छात्रों और दूसरे लोगों के लिए नए मौके खुलेंगे।
किन भारतीय सामान पर नहीं लगेगा टैक्स?
समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत से आने वाले कई सामान पर पहले दिन से ही आयात शुल्क खत्म करने का फैसला किया है। इनमें मशीनें, दवाएं, समुद्री उत्पाद, कपड़े, केमिकल, चमड़े का सामान, जूते-चप्पल, गहने और इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं। इसके अलावा प्लास्टिक से बने सामान और खेती से जुड़े उत्पादों पर भी आयात शुल्क खत्म किया जाएगा। इससे भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में अपना सामान बेचने में मदद मिल सकती है। वहीं, भारत ने भी न्यूजीलैंड से आने वाले कई सामान पर आयात शुल्क में छूट देने का फैसला किया है। यह छूट करीब 70 फीसदी उत्पाद श्रेणियों पर लागू होगी। इनमें न्यूजीलैंड से भारत आने वाले कुल सामान की कीमत का करीब 95 फीसदी हिस्सा शामिल है। हालांकि, भारत ने कुछ घरेलू उद्योगों को इस छूट से बाहर रखा है।
दोनों देशों के बीच कितना कारोबार होता है?
फिलहाल भारत और न्यूजीलैंड के बीच हर साल करीब 1.2 अरब डॉलर का कारोबार होता है। दोनों देश इसे 2030 तक दोगुना करना चाहते हैं। उम्मीद है कि आयात शुल्क घटने से दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे के बाजार में ज्यादा सामान बेच सकेंगी। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि सिर्फ समझौता लागू होना काफी नहीं है। इसकी असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां इसका कितना फायदा उठा पाती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकारों को कारोबारियों को समझौते की जानकारी देने के लिए मिलकर काम करना होगा।
भारतीय छात्रों और नौकरी करने वालों को क्या फायदा होगा?
इस समझौते से भारतीय छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे कुशल लोगों को भी फायदा मिल सकता है। इसके तहत 5,000 कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा का प्रावधान किया गया है। भारतीय छात्रों को न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान काम करने के मौके मिलेंगे। साथ ही पढ़ाई पूरी होने के बाद भी उन्हें वहां ज्यादा समय तक काम करने की सुविधा मिलेगी। समझौते में आईटी, स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग समेत सेवा क्षेत्र की 118 श्रेणियों और उपश्रेणियों में कारोबार बढ़ाने के प्रावधान भी हैं। इसके अलावा न्यूजीलैंड ने अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। भारत और न्यूजीलैंड ने इस समझौते के लिए मार्च 2025 में बातचीत शुरू की थी। दिसंबर 2025 में बातचीत पूरी हुई और अप्रैल 2026 में दोनों देशों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अब 20 अक्टूबर से यह लागू होने जा रहा है।