0 रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए बीईएल से किया अनुबंध पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए करीब 770 करोड़ रुपये की लागत से बेहतर क्षमता वाले हल्के रडार खरीदने का करार किया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इन रडार की मदद से लड़ाकू विमानों के आकार वाले हवाई लक्ष्यों के साथ छोटे और बेहद छोटे ड्रोन का भी पता लगाया जा सकेगा। इससे सेना को मानवरहित हवाई प्रणालियों से निपटने में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्रालय ने यहां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ यह करार किया। इस दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी मौजूद थे।
एलएलएलआर (I) प्रणाली में लड़ाकू विमानों के आकार के लक्ष्यों तथा छोटे/सूक्ष्म ड्रोन का पता लगाने और उनकी निगरानी करने की क्षमता है। इसमें हवाई लक्ष्यों को प्राथमिकता देने की अतिरिक्त क्षमता भी है। इससे भारतीय सेना को मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) से उत्पन्न खतरे का प्रभावी ढ़ंग से मुकाबला करने में सहायता मिलेगी।
वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सरकार के विज़न के अनुरूप यह खरीद वायु रक्षा प्रणालियों के स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत के रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा, जिसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम भी शामिल हैं। साथ ही, इससे एक सुदृढ़, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रक्षा उद्योग के निर्माण में सहायता मिलेगी।