मुंबई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि भारतीय व्यापार नेतृत्व के साथ चल रही चर्चाओं से दोनों देशों के बीच रणनीतिक व्यावसायिक साझेदारियों के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने यहां बुधवार को यहां अपनी उच्च-स्तरीय बैठकों के समापन और पड़ोसी राज्य गुजरात में रिलायंस के स्वामित्व वाले जामनगर पेट्रोलियम रिफायनरी कॉम्प्लेक्स के लिए रवाना होने से पहले, प्रसिद्ध् उद्योगपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ गहरे ऊर्जा सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
जब उनसे पूछा गया कि भारत में हो विरोध प्रदर्शनों पर आपका क्या कहना है, तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि अमेरिका में हर रोज प्रोटेस्ट होते रहते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह उनका (भारत) आंतरिक राजनीतिक मामला है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और वहां चुनाव होते हैं, इसलिए मैं उनके आंतरिक राजनीतिक मामलों पर कोई राय नहीं दूंगा। अमेरिका में भी तो हर दिन विरोध-प्रदर्शन होते रहते हैं।
रुबियो ने ट्रम्प प्रशासन के पाकिस्तान के साथ बढ़ते संबंधों के बारे में बात करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी देश के साथ हमारे संबंध, किसी भी तरह से, भारत के साथ हमारे संबंधों की कीमत पर नहीं हैं। भारत के साथ अपने रिश्तों को हम इस नजरिए से नहीं देखते हैं। मुझे उम्मीद है कि यहां मेरे दौरे, व्यापार समझौता करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता, हमारी अब तक की सभी बातचीत और हम मिलकर जो भी काम करते हैं, वे इस बात का सबूत हैं।
पाकिस्तान के साथ रिश्ते पर मार्को रुबियो ने आगे कहा कि इस्लामाबाद के साथ वॉशिंगटन के संबंध उसे ऐसी स्थिति में लाते हैं, जहां वह भारत को चिंता में डालने वाली गतिविधियों को 'रोकने' में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसके साथ हमारे संबंध हैं और होने भी चाहिए। कुछ मायनों में यह एक पॉजिटिव पहलू हो सकता है, अगर हम ऐसी गतिविधियों को रोकने में मदद कर सकें, जिनसे टकराव पैदा हो सकता है। यानी अगर हम अपने प्रभाव का इस्तेमाल सकारात्मक तरीके से कर सकें।